प्रयागराज में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी तेज:दूसरे चरण की ट्रेनिंग पूरी, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

प्रयागराज में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी तेज:दूसरे चरण की ट्रेनिंग पूरी, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

प्रयागराज में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की प्रगणना के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की दो दिवसीय ट्रेनिंग रविवार को पूरी हो गई। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट स्थित संगम सभागार में आयोजित ट्रेनिंग का मकसद जनगणना का काम तय समय में पूरा कराना है। ट्रेनिंग के आखिरी दिन प्रशासनिक अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, नोडल अफसरों और तकनीकी कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनरों ने जरूरी जानकारी दी। जनगणना कार्य निदेशालय, लखनऊ से आए नोडल अधिकारी और सहायक जनगणना निदेशक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने प्रगणना की प्रक्रिया, प्रशासनिक व्यवस्था और डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी दी। प्रगणकों और सुपरवाइजरों के क्षेत्र तय होंगे ट्रेनिंग में कार्मिक डेटाबेस को अंतिम रूप देने, प्रगणकों और सुपरवाइजरों के क्षेत्रवार आवंटन, प्रचार सामग्री के वितरण और भौगोलिक कवरेज पर चर्चा हुई। इसके साथ संस्थागत आबादी और बेघर लोगों की गणना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का तुरंत निस्तारण, मानदेय का भुगतान और इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के रखरखाव से जुड़े नियमों पर भी अधिकारियों को जानकारी दी गई। समयसीमा का पालन करने के निर्देश ट्रेनिंग के समापन पर जिला प्रशासन ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों, कैंटोनमेंट बोर्ड के प्रभारियों और नगर निगम के जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए। अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनगणना के काम को तय समयसीमा के भीतर पूरा कराने और सभी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया। 16 नवंबर से शुरू होगा सेल्फ एन्यूमरेशन जनगणना का काम तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 16 से 30 नवंबर 2026 तक नागरिक डिजिटल माध्यम से खुद अपनी गणना करा सकेंगे। इसे सेल्फ एन्यूमरेशन कहा गया है। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर हर परिवार और उसके सदस्यों का विवरण दर्ज करेंगे। आखिरी चरण में बेघर और सड़कों पर रहने वाले लोगों की गणना के लिए 4 जनवरी 2027 की शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जहां रह रहे होंगे, वहीं दर्ज होगी प्रगणना जनगणना अधिकारियों के मुताबिक, प्रगणना के दौरान नागरिक जिस स्थान पर रह रहा होगा, उसकी गणना उसी स्थान पर दर्ज की जाएगी। जनगणना अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी देना प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्य है। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के दौरान जुटाई गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका इस्तेमाल केवल सांख्यिकीय और नीतिगत उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

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