कटिहार में आज से भागवत कथा महोत्सव शुरू:खाटू श्याम मंदिर से कलश यात्रा निकलेगी, वृंदावन गार्डन में 8 दिनों तक होगी कथा

कटिहार में आज से भागवत कथा महोत्सव शुरू:खाटू श्याम मंदिर से कलश यात्रा निकलेगी, वृंदावन गार्डन में 8 दिनों तक होगी कथा

कटिहार शहर के शिव मंदिर चौक स्थित वृंदावन गार्डन में रविवार से आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव शुरू होगा। आयोजन को लेकर कथा स्थल को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। आयोजन समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कथा महोत्सव का आयोजन श्याम वाटिका परिवार की ओर से किया जा रहा है। खाटू श्याम मंदिर से निकलेगी कलश शोभायात्रा आयोजन समिति के अनुसार, कथा के पहले दिन रविवार सुबह 9 बजे खाटू श्याम मंदिर से कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर शिव मंदिर चौक स्थित वृंदावन गार्डन पहुंचेगी। इसमें सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल होंगी। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने के बाद विधिवत रूप से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। वृंदावन से पहुंचे कथा व्यास आचार्य नवीन कृष्णा पांडे कथा महोत्सव में प्रवचन के लिए वृंदावन से प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य नवीन कृष्णा पांडे कटिहार पहुंच चुके हैं। उन्होंने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा सुनने के लिए पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मन को शांति मिलती है। कलियुग में भगवान की भक्ति और कथा श्रवण को मुक्ति का सरल मार्ग बताते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन कथा स्थल पहुंचने की अपील की। 13 से 20 सितंबर तक चलेगा आयोजन आयोजन समिति के मुताबिक, कथा महोत्सव 13 सितंबर से 20 सितंबर तक चलेगा। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। 13 से 19 सितंबर तक भागवत कथा के अलग-अलग प्रसंगों और भगवान की लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। इसमें ध्रुव चरित्र, समुद्र मंथन, माखन चोरी, गोवर्धन लीला, महारास, कंस वध और सुदामा चरित्र प्रमुख हैं। 20 सितंबर को हवन, पूर्णाहुति और भंडारे के साथ आठ दिवसीय कथा महोत्सव का समापन होगा। समिति ने श्रद्धालुओं से की शामिल होने की अपील आयोजन समिति के श्रीकांत शर्मा, नेहा शर्मा, समाजसेवी व पूर्व निगम पार्षद किशन बजाज उर्फ बुलि बजाज और समाजसेवी विक्की जायसवाल ने बताया कि कथा महोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति ने कटिहार के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा स्थल पहुंचकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने और समापन के दिन महाप्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। कटिहार शहर के शिव मंदिर चौक स्थित वृंदावन गार्डन में रविवार से आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव शुरू होगा। आयोजन को लेकर कथा स्थल को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। आयोजन समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कथा महोत्सव का आयोजन श्याम वाटिका परिवार की ओर से किया जा रहा है। खाटू श्याम मंदिर से निकलेगी कलश शोभायात्रा आयोजन समिति के अनुसार, कथा के पहले दिन रविवार सुबह 9 बजे खाटू श्याम मंदिर से कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर शिव मंदिर चौक स्थित वृंदावन गार्डन पहुंचेगी। इसमें सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल होंगी। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने के बाद विधिवत रूप से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। वृंदावन से पहुंचे कथा व्यास आचार्य नवीन कृष्णा पांडे कथा महोत्सव में प्रवचन के लिए वृंदावन से प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य नवीन कृष्णा पांडे कटिहार पहुंच चुके हैं। उन्होंने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा सुनने के लिए पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मन को शांति मिलती है। कलियुग में भगवान की भक्ति और कथा श्रवण को मुक्ति का सरल मार्ग बताते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन कथा स्थल पहुंचने की अपील की। 13 से 20 सितंबर तक चलेगा आयोजन आयोजन समिति के मुताबिक, कथा महोत्सव 13 सितंबर से 20 सितंबर तक चलेगा। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। 13 से 19 सितंबर तक भागवत कथा के अलग-अलग प्रसंगों और भगवान की लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। इसमें ध्रुव चरित्र, समुद्र मंथन, माखन चोरी, गोवर्धन लीला, महारास, कंस वध और सुदामा चरित्र प्रमुख हैं। 20 सितंबर को हवन, पूर्णाहुति और भंडारे के साथ आठ दिवसीय कथा महोत्सव का समापन होगा। समिति ने श्रद्धालुओं से की शामिल होने की अपील आयोजन समिति के श्रीकांत शर्मा, नेहा शर्मा, समाजसेवी व पूर्व निगम पार्षद किशन बजाज उर्फ बुलि बजाज और समाजसेवी विक्की जायसवाल ने बताया कि कथा महोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति ने कटिहार के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा स्थल पहुंचकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने और समापन के दिन महाप्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।  

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