वनतारा से 13 महीने बाद कोल्हापुर लौटी हथिनी महादेवी:हजारों लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया; रिलायंस फाउंडेशन के एनिमल सेंटर भेजने पर विरोध हुआ था

वनतारा से 13 महीने बाद कोल्हापुर लौटी हथिनी महादेवी:हजारों लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया; रिलायंस फाउंडेशन के एनिमल सेंटर भेजने पर विरोध हुआ था

हथिनी माधुरी, जिसे कोल्हापुर में महादेवी के नाम से जाना जाता है, करीब 13 महीने बाद गुजरात के वनतारा से महाराष्ट्र के कोल्हापुर लौट आई है। यहां नांदणी जैन मठ पहुंचने पर शनिवार रात हजारों लोगों ने फूल बरसाकर उसका स्वागत किया। महादेवी को जुलाई 2025 में हाई पावर कमेटी के निर्देश पर गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस फाउंडेशन के एनिमल सेंटर वनतारा भेजा गया था। कोल्हापुर में लोग इसका विरोध कर रहे थे। मामला बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 9 सितंबर 2026 को हाई पावर कमेटी ने नांदणी की व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद माधुरी को वापस कोल्हापुर भेजने का आदेश दिया था। हथिनी के स्वागत की 3 तस्वीरें… रात करीब 2 बजे मठ पहुंची महादेवी महादेवी को वनतारा से गुरुवार शाम करीब 5 बजे रवाना किया गया था। करीब 1,160 किलोमीटर लंबा सफर तय करने के बाद वह शनिवार रात करीब 2 बजे नांदणी जैन मठ पहुंची। उसके पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। लोगों ने फूल बरसाकर उसका स्वागत किया। हालांकि, उसकी सेहत और सफर की थकान को देखते हुए स्वागत कार्यक्रम को सीमित रखा गया। महादेवी को भीड़ के बीच ज्यादा देर रखने के बजाय सीधे उसके लिए तैयार किए गए शेल्टर में पहुंचाया गया। वापसी के बाद भी वनतारा करेगा निगरानी, हाई कमेटी ने रखीं शर्तें वनतारा के मुताबिक, उसका इलाज जारी रहने के कारण स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर हुई है, लेकिन उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इसलिए HPC ने माधुरी की वापसी को कुछ सख्त शर्तों के साथ मंजूरी दी है। महादेवी के लिए मठ में खास इंतजाम जैन मठ में 32 साल से रह रही थी कोल्हापुर के नांदणी गांव के जैन भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी संस्थान मठ में माधुरी नाम की हथिनी को 1992 में लाया गया था। इस जैन मठ में 700 सालों से ये परंपरा है कि यहां हाथी पाला जाता है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। यहां माधुरी हथिनी को तब लाया गया था, जब वह सिर्फ 4 साल की थी। वह यहां 32 सालों से रह रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *