मोतिहारी में IAP ने ड्राई नीडलिंग कार्यशाला आयोजित की:विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर मॉर्डन टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग, ऐसे अपडेट होंगे फिजियोथेरेपिस्ट

मोतिहारी में IAP ने ड्राई नीडलिंग कार्यशाला आयोजित की:विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर मॉर्डन टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग, ऐसे अपडेट होंगे फिजियोथेरेपिस्ट

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स (IAP), मोतिहारी शाखा की ओर से शनिवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में एक दिवसीय ड्राई नीडलिंग कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले के फिजियोथेरेपिस्टों को दर्द प्रबंधन, मांसपेशियों की समस्या और विभिन्न मस्कुलोस्केलेटल स्थितियों में ड्राई नीडलिंग के आधुनिक और वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एससी शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में Burdwan Institute of Medical and Life Science के प्रो. डॉ. सत्येन भट्टाचार्य मौजूद रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को ड्राई नीडलिंग की आधुनिक तकनीकों के साथ इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। दर्द और मांसपेशियों की समस्या में तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि फिजियोथेरेपी में ड्राई नीडलिंग का इस्तेमाल कई तरह की मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं और दर्द के प्रबंधन में किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को इसके सैद्धांतिक पहलुओं के साथ-साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रो. डॉ. सत्येन भट्टाचार्य ने ड्राई नीडलिंग की विभिन्न तकनीकों, इसके इस्तेमाल की प्रक्रिया और मरीजों पर इसे सुरक्षित तरीके से लागू करने के जरूरी पहलुओं की जानकारी दी। प्रतिभागियों को उपचार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया, ताकि तकनीक का इस्तेमाल वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से किया जा सके। नवीनतम तकनीकों से अपडेट होंगे फिजियोथेरेपिस्ट IAP मोतिहारी शाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य फिजियोथेरेपिस्टों को उपचार की नवीनतम और वैज्ञानिक तकनीकों से अपडेट करना है। बदलती चिकित्सा पद्धतियों के साथ फिजियोथेरेपिस्टों के लिए नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण जरूरी है। इससे मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में डॉ. अमरेश महाशी, डॉ. आनंद रंजन, डॉ. प्रेम कुमार, डॉ. माधवी रंजन, डॉ. अविनाश मिश्रा, डॉ. श्याम, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. उज्ज्वल कश्यप, डॉ. उमेश चंद्र, डॉ. नदीम जफर, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. रविशंकर सिंह और डॉ. आमिर नेहाल सहित बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। IAP मोतिहारी शाखा ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञ नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों से लगातार जुड़े रहें और इसका लाभ मरीजों तक पहुंच सके। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स (IAP), मोतिहारी शाखा की ओर से शनिवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में एक दिवसीय ड्राई नीडलिंग कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले के फिजियोथेरेपिस्टों को दर्द प्रबंधन, मांसपेशियों की समस्या और विभिन्न मस्कुलोस्केलेटल स्थितियों में ड्राई नीडलिंग के आधुनिक और वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एससी शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में Burdwan Institute of Medical and Life Science के प्रो. डॉ. सत्येन भट्टाचार्य मौजूद रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को ड्राई नीडलिंग की आधुनिक तकनीकों के साथ इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। दर्द और मांसपेशियों की समस्या में तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि फिजियोथेरेपी में ड्राई नीडलिंग का इस्तेमाल कई तरह की मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं और दर्द के प्रबंधन में किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को इसके सैद्धांतिक पहलुओं के साथ-साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रो. डॉ. सत्येन भट्टाचार्य ने ड्राई नीडलिंग की विभिन्न तकनीकों, इसके इस्तेमाल की प्रक्रिया और मरीजों पर इसे सुरक्षित तरीके से लागू करने के जरूरी पहलुओं की जानकारी दी। प्रतिभागियों को उपचार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया, ताकि तकनीक का इस्तेमाल वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से किया जा सके। नवीनतम तकनीकों से अपडेट होंगे फिजियोथेरेपिस्ट IAP मोतिहारी शाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य फिजियोथेरेपिस्टों को उपचार की नवीनतम और वैज्ञानिक तकनीकों से अपडेट करना है। बदलती चिकित्सा पद्धतियों के साथ फिजियोथेरेपिस्टों के लिए नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण जरूरी है। इससे मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में डॉ. अमरेश महाशी, डॉ. आनंद रंजन, डॉ. प्रेम कुमार, डॉ. माधवी रंजन, डॉ. अविनाश मिश्रा, डॉ. श्याम, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. उज्ज्वल कश्यप, डॉ. उमेश चंद्र, डॉ. नदीम जफर, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. रविशंकर सिंह और डॉ. आमिर नेहाल सहित बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। IAP मोतिहारी शाखा ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञ नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों से लगातार जुड़े रहें और इसका लाभ मरीजों तक पहुंच सके।  

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