भागलपुर में बाढ़ के पानी में सेना की तैयारी,देखें VIDEO:4-5 फीट डूबा सेना भर्ती का मैदान; युवा बोले- हम पानी निकलने का इंतजार नहीं कर सकते

भागलपुर में बाढ़ के पानी में सेना की तैयारी,देखें VIDEO:4-5 फीट डूबा सेना भर्ती का मैदान; युवा बोले- हम पानी निकलने का इंतजार नहीं कर सकते

भागलपुर के निचले और दियारा इलाकों में गंगा की बाढ़ से सड़कें, मैदान और रास्ते पानी में डूब गए हैं। कई गांवों और मोहल्लों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। इसके बीच सेना और मद्य निषेध दरोगा भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा अपना अभ्यास जारी रखे हुए हैं। जिस मैदान में वे रोज दौड़, हाई जंप, लॉन्ग जंप और गोला फेंक की तैयारी करते थे, वहां 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है। मैदान डूबने के बाद अब जहां सूखी और सुरक्षित जगह मिल रही है, वहीं अभ्यास किया जा रहा है। तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… जिस मैदान में दौड़ते थे, वहां अब पानी ही पानी भागलपुर में गंगा का पानी बढ़ने से युवाओं का नियमित अभ्यास वाला मैदान पूरी तरह डूब गया है। दौड़ने का ट्रैक, हाई जंप और लॉन्ग जंप की जगह के साथ गोला फेंकने का हिस्सा भी पानी में है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा की तैयारी जारी रखने की चुनौती है। सेना भर्ती और मद्य निषेध दरोगा की शारीरिक दक्षता परीक्षा नजदीक है। अभ्यर्थी महीनों से इसकी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे समय में अभ्यास रुकने से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है। इसलिए बाढ़ के बावजूद उन्होंने अभ्यास बंद नहीं किया है। सूखी जगह मिली तो वहीं शुरू कर दिया अभ्यास मैदान डूबने के बाद युवाओं और उनके प्रशिक्षक ने प्रशिक्षण का तरीका बदल दिया है। पैरा कमांडो से रिटायर रणजीत सोलंकी इन अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनका प्रयास है कि बाढ़ की वजह से युवाओं की महीनों की मेहनत प्रभावित न हो। जहां भी सुरक्षित और सूखी जगह मिल रही है, वहीं युवाओं को दौड़ और दूसरी शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास कराया जा रहा है। कभी मैदान के बचे हुए सूखे हिस्से में ट्रेनिंग होती है तो कभी दूसरे स्थान पर अभ्यर्थियों को ले जाकर अभ्यास कराया जाता है। घर से निकलना भी मुश्किल, कई जगह नाव का सहारा बाढ़ ने सिर्फ अभ्यास का मैदान ही नहीं छीना है, बल्कि प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचना भी कई युवाओं के लिए चुनौती बन गया है। कई जगह रास्तों पर पानी भरने के कारण सामान्य तरीके से आना-जाना मुश्किल है। कुछ अभ्यर्थियों को नाव और दूसरे उपलब्ध साधनों का सहारा लेकर अभ्यास के लिए पहुंचना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति काफी कठिन है। घर से निकलने में परेशानी होती है और अभ्यास के लिए मैदान भी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद वे तैयारी रोकना नहीं चाहते, क्योंकि शारीरिक परीक्षा नजदीक है। अभिमन्यु बोले- सपना बड़ा है, मुश्किलें छोटी सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी अभिमन्यु कुमार सिंह बताते हैं कि पहले वे नियमित रूप से सैंडिस कंपाउंड मैदान में हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक और दौड़ का अभ्यास करते थे। बाढ़ का पानी भरने के बाद मैदान में अभ्यास करना संभव नहीं है। अभिमन्यु के अनुसार, चारों तरफ पानी होने के बावजूद उनका लक्ष्य साफ है। वे सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस सपने के लिए परिस्थितियां जैसी भी हों, तैयारी जारी रखनी होगी। अभिमन्यु ने बताया कि कोच रणजीत सोलंकी भी सुरक्षित जगहों पर ले जाकर उनका अभ्यास जारी रखवा रहे हैं। कोच बोले- परीक्षा के समय अभ्यास रुकना नुकसानदेह प्रशिक्षक रणजीत सोलंकी का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में शरीर और मन दोनों को मजबूत रखना जरूरी है। शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नियमित अभ्यास महत्वपूर्ण है। इसलिए सुरक्षित स्थान मिलने पर वहां प्रशिक्षण कराया जा रहा है। उनका प्रयास है कि बाढ़ की वजह से अभ्यर्थियों की कई महीनों की मेहनत खराब न हो और परीक्षा तक उनकी तैयारी बनी रहे। बाढ़ ने मैदान छीना, लक्ष्य तक पहुंचने की तैयारी नहीं भागलपुर में बाढ़ से जहां लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है, वहीं इन युवाओं के सामने अलग चुनौती है। उनका अभ्यास वाला मैदान पानी में डूब चुका है, रास्ते प्रभावित हैं और कई जगह नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद सेना और मद्य निषेध दरोगा भर्ती की परीक्षा की तैयारी जारी है। हालात ने इन युवाओं से उनका मैदान जरूर छीन लिया है, लेकिन उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा। अब सूखी जमीन का छोटा सा हिस्सा ही उनका ट्रैक है और उपलब्ध जगह ही उनका ट्रेनिंग ग्राउंड। परीक्षा तक यह तैयारी इसी तरह जारी रखने की कोशिश है। भागलपुर के निचले और दियारा इलाकों में गंगा की बाढ़ से सड़कें, मैदान और रास्ते पानी में डूब गए हैं। कई गांवों और मोहल्लों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। इसके बीच सेना और मद्य निषेध दरोगा भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा अपना अभ्यास जारी रखे हुए हैं। जिस मैदान में वे रोज दौड़, हाई जंप, लॉन्ग जंप और गोला फेंक की तैयारी करते थे, वहां 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है। मैदान डूबने के बाद अब जहां सूखी और सुरक्षित जगह मिल रही है, वहीं अभ्यास किया जा रहा है। तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… जिस मैदान में दौड़ते थे, वहां अब पानी ही पानी भागलपुर में गंगा का पानी बढ़ने से युवाओं का नियमित अभ्यास वाला मैदान पूरी तरह डूब गया है। दौड़ने का ट्रैक, हाई जंप और लॉन्ग जंप की जगह के साथ गोला फेंकने का हिस्सा भी पानी में है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा की तैयारी जारी रखने की चुनौती है। सेना भर्ती और मद्य निषेध दरोगा की शारीरिक दक्षता परीक्षा नजदीक है। अभ्यर्थी महीनों से इसकी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे समय में अभ्यास रुकने से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है। इसलिए बाढ़ के बावजूद उन्होंने अभ्यास बंद नहीं किया है। सूखी जगह मिली तो वहीं शुरू कर दिया अभ्यास मैदान डूबने के बाद युवाओं और उनके प्रशिक्षक ने प्रशिक्षण का तरीका बदल दिया है। पैरा कमांडो से रिटायर रणजीत सोलंकी इन अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनका प्रयास है कि बाढ़ की वजह से युवाओं की महीनों की मेहनत प्रभावित न हो। जहां भी सुरक्षित और सूखी जगह मिल रही है, वहीं युवाओं को दौड़ और दूसरी शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास कराया जा रहा है। कभी मैदान के बचे हुए सूखे हिस्से में ट्रेनिंग होती है तो कभी दूसरे स्थान पर अभ्यर्थियों को ले जाकर अभ्यास कराया जाता है। घर से निकलना भी मुश्किल, कई जगह नाव का सहारा बाढ़ ने सिर्फ अभ्यास का मैदान ही नहीं छीना है, बल्कि प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचना भी कई युवाओं के लिए चुनौती बन गया है। कई जगह रास्तों पर पानी भरने के कारण सामान्य तरीके से आना-जाना मुश्किल है। कुछ अभ्यर्थियों को नाव और दूसरे उपलब्ध साधनों का सहारा लेकर अभ्यास के लिए पहुंचना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति काफी कठिन है। घर से निकलने में परेशानी होती है और अभ्यास के लिए मैदान भी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद वे तैयारी रोकना नहीं चाहते, क्योंकि शारीरिक परीक्षा नजदीक है। अभिमन्यु बोले- सपना बड़ा है, मुश्किलें छोटी सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी अभिमन्यु कुमार सिंह बताते हैं कि पहले वे नियमित रूप से सैंडिस कंपाउंड मैदान में हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक और दौड़ का अभ्यास करते थे। बाढ़ का पानी भरने के बाद मैदान में अभ्यास करना संभव नहीं है। अभिमन्यु के अनुसार, चारों तरफ पानी होने के बावजूद उनका लक्ष्य साफ है। वे सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस सपने के लिए परिस्थितियां जैसी भी हों, तैयारी जारी रखनी होगी। अभिमन्यु ने बताया कि कोच रणजीत सोलंकी भी सुरक्षित जगहों पर ले जाकर उनका अभ्यास जारी रखवा रहे हैं। कोच बोले- परीक्षा के समय अभ्यास रुकना नुकसानदेह प्रशिक्षक रणजीत सोलंकी का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में शरीर और मन दोनों को मजबूत रखना जरूरी है। शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नियमित अभ्यास महत्वपूर्ण है। इसलिए सुरक्षित स्थान मिलने पर वहां प्रशिक्षण कराया जा रहा है। उनका प्रयास है कि बाढ़ की वजह से अभ्यर्थियों की कई महीनों की मेहनत खराब न हो और परीक्षा तक उनकी तैयारी बनी रहे। बाढ़ ने मैदान छीना, लक्ष्य तक पहुंचने की तैयारी नहीं भागलपुर में बाढ़ से जहां लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है, वहीं इन युवाओं के सामने अलग चुनौती है। उनका अभ्यास वाला मैदान पानी में डूब चुका है, रास्ते प्रभावित हैं और कई जगह नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद सेना और मद्य निषेध दरोगा भर्ती की परीक्षा की तैयारी जारी है। हालात ने इन युवाओं से उनका मैदान जरूर छीन लिया है, लेकिन उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा। अब सूखी जमीन का छोटा सा हिस्सा ही उनका ट्रैक है और उपलब्ध जगह ही उनका ट्रेनिंग ग्राउंड। परीक्षा तक यह तैयारी इसी तरह जारी रखने की कोशिश है।  

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