जोबट नगर परिषद के सीएमओ चेंबर के बाहर लगा एक चेतावनी बोर्ड विवादों में आ गया। इस बोर्ड पर लिखा था कि बिना अनुमति चेंबर में प्रवेश नहीं किया जा सकता और नगर परिषद परिसर में वीडियो बनाना मना है। सरकारी दफ्तर में लगे इस बोर्ड की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हुई। आमतौर पर लोग अपनी समस्याएं लेकर नगर परिषद के अधिकारियों से मिलने आते हैं। ऐसे में चेंबर के बाहर प्रवेश और वीडियो बनाने पर रोक लगाने वाले इस बोर्ड को लेकर सवाल उठने लगे। लोगों के मन में यह सवाल था कि आखिर ऐसी चेतावनी की जरूरत क्यों पड़ी और इसे किसके कहने पर लगाया गया था। मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद जोबट नगर परिषद की सीएमओ प्रिया मेड़ा ने इस पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि उनका जोबट में जून महीने में ट्रांसफर हुआ है। सीएमओ कार्यालय के गेट पर लगा यह चेतावनी बोर्ड उनके पदभार संभालने से पहले से ही लगा था। प्रिया मेड़ा ने कहा कि उन्हें इस बोर्ड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। शिकायत मिलने पर हटवाया सीएमओ ने बताया कि बोर्ड को लेकर शिकायतें मिलने के बाद उन्होंने उसे हटवा दिया है। उन्होंने साफ किया कि नगर परिषद का मकसद जनता को कार्यालय आने से रोकना नहीं है। आम लोग अपने काम और समस्याओं को लेकर नगर परिषद में आ सकते हैं। बोर्ड हटने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चैंबर के बाहर इस तरह की चेतावनी किसके कहने पर लगाई गई थी। हालांकि, सीएमओ ने साफ किया है कि उनके हिसाब से यह बोर्ड उनके कार्यकाल से पहले का है।

