शेयर ट्रेडिंग, मोबाइल बैंकिग एप अपडेट और एपीके फाइल भेजकर पांच लोगों से 46 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में शुक्रवार को केस दर्ज कराए। पुलिस ठगों की पहचान और तलाश में जुटी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने मोहित एक कंपनी कार्यालय में प्रबंधक हैं। 10 नवंबर 2025 को ठग ने शेयर बाजार एक्सपर्ट बनकर फोन किया। ठग ने निवेश कर दोगुना मुनाफा कमाने का दावा किया। वेबसाइट पर पंजीकरण करा छोटा-छोटा निवेश कराया। मुनाफा दिलाकर रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कराई। विश्वास होने पर मोहित ने 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बैंकिंग जानकारी के नाम पर ठगी
सेक्टर-81 के रहने वाले फैक्ट्री कर्मी विजय को शेयर बाजार में निवेश के जाल में फंसाया। उनसे पांच लाख रुपये ठग लिए। नोएडा के सेवानिवृत्त एनटीपीसी कर्मी जबर सिंह से इंटरनेट मीडिया पर मोबाइल बैंकिंग के बारे में जानकारी कर रहे थे। छह अगस्त को ठग ने बैंक कर्मी बनकर फोन किया। इंडसइड बैंक के नए एप डाउनलोड कराने के बारे में जानकारी दी। लिंक भेज कर एपीके फाइल डाउनलोड करा ली। उनके बैंक खाते से छह लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। एपीके फाइल डाउनलोएड कराकर ठगी
नोएडा सेक्टर-55 के रहने वाले सतीश और सेक्टर-73 के विवेकानंद को ठगों ने मोबाइल पर वाहन चालान सबंधी एपीके फाइल भेजी। गलती से फाइल डाउनलोड होने से मोबाइल हैक हो गया। ठगों ने सतीश के खाते से 12 लाख और विवेकानंद के खाते से आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़ितों ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस से शिकायत की। जांच कर रही पुलिस
डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि पीडितों की शिकायत पर मामले दर्ज कर जांच कराई जा रही है। ठगी में संलिप्त बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अनजान के कहने पर रकम ट्रांसफर नहीं करें।

