कांग्रेस बिहार में महागठबंधन से आधिकारिक तौर पर अलग हो सकती है। विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव से पहले कांग्रेस और राजद का वर्षों पुराना रिश्ता खत्म हो सकता है। राजद से अलग कांग्रेस विधान परिषद की सभी 8 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतार सकती है। राजद पहले ही 6 सीटों पर अपने कैंडिडेट का लिस्ट जारी कर चुकी है। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने भास्कर को बताया,’राजद की तरफ से 6 कैंडिडेट की घोषणा कर दी गई। एक बार भी इस पर कांग्रेस की राय नहीं ली गई। ऐसे में गठबंधन बचा कहां है। हालांकि RJD अभी भ दो सीट बचा कर रखी है। इसमें एक कोसी शिक्षक और दूसरी दरभंगा शिक्षा की सीट है। दरभंगा शिक्षक सीट से अभी कांग्रेस नेता मदन मोहन झा MLC हैं। हालांकि RJD की ओर से जारी लिस्ट में ये लिखा गया है कि पार्टी इन सीटों पर फिलहाल विचार कर रही है। कभी भी है सकती है कांग्रेस के कैंडिडेट की घोषणा वहीं RJD का लिस्ट जारी होने के बाद कांग्रेस की टॉप लीडरशिप सभी 8 सीटों पर कैंडिडेट उतारने की तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष ने शनिवार को स्टेट हेडक्वार्टर में कांग्रेस के संभावित कैंडिडेट का इंटरव्यू लिया है। हालांकि नाम को अभी डिस्क्लोज नहीं किया गया है। कभी भी पार्टी की तरफ से कैंडिडेट की घोषणा की जा सकती है। अब समझिए 10महीने में कैसे बदलते गए कांग्रेस-RJD के रिश्ते नवंबर 2025- हार के तुरंत बाद कांग्रेस में गठबंधन पर सवाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस केनेताओं ने दिल्ली में टॉप लीडरशिप के साथ समीक्षा बैठक में RJD को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने पलटवार करते हुए कहा,’अगर कांग्रेस अलग रास्ता अपनाना चाहती है, तो अपना ले। उन्हें अपनी असली ताकत का पता चल जाएगा।’कांग्रेस बिहार में ‘खत्म हो चुकी शक्ति’ है।’ तब कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा था,’महागठबंधन अब व्यवहार्य नहीं है। कांग्रेस को राजद के साथ गठबंधन से न तो चुनावी फायदा मिला, न संगठनात्मक। उल्टा नुकसान हुआ।
जनवरी 2026- कांग्रेस ने गठबंधन को चुनावी बताया कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा,’हमारा गठबंधन RJD के साथ केवल ‘चुनावी’ था। जल्द कोई चुनाव नहीं है, इसलिए गठबंधन पर चर्चा अप्रासंगिक है। हमारी प्राथमिकता संगठन मजबूत करना है। मार्च 2026- राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक ने RJD कैंडिडेट को वोट नहीं दिया मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव में RJD ने अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह) को राज्यसभा कैंडिडेट बनाया था। चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाहा वोटिंग से गायब रहे। नतीजा RJD कैंडिडेट हार गए। बाद में तीनों ने कहा कि कांग्रेस से बिना पूछे कैंडिडेट की घोषणा की गई थी इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया। 15 साल पहले भी RJD से अलग होकर लड़ी थी कांग्रेस कांग्रेस बिहार में महागठबंधन से आधिकारिक तौर पर अलग हो सकती है। विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव से पहले कांग्रेस और राजद का वर्षों पुराना रिश्ता खत्म हो सकता है। राजद से अलग कांग्रेस विधान परिषद की सभी 8 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतार सकती है। राजद पहले ही 6 सीटों पर अपने कैंडिडेट का लिस्ट जारी कर चुकी है। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने भास्कर को बताया,’राजद की तरफ से 6 कैंडिडेट की घोषणा कर दी गई। एक बार भी इस पर कांग्रेस की राय नहीं ली गई। ऐसे में गठबंधन बचा कहां है। हालांकि RJD अभी भ दो सीट बचा कर रखी है। इसमें एक कोसी शिक्षक और दूसरी दरभंगा शिक्षा की सीट है। दरभंगा शिक्षक सीट से अभी कांग्रेस नेता मदन मोहन झा MLC हैं। हालांकि RJD की ओर से जारी लिस्ट में ये लिखा गया है कि पार्टी इन सीटों पर फिलहाल विचार कर रही है। कभी भी है सकती है कांग्रेस के कैंडिडेट की घोषणा वहीं RJD का लिस्ट जारी होने के बाद कांग्रेस की टॉप लीडरशिप सभी 8 सीटों पर कैंडिडेट उतारने की तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष ने शनिवार को स्टेट हेडक्वार्टर में कांग्रेस के संभावित कैंडिडेट का इंटरव्यू लिया है। हालांकि नाम को अभी डिस्क्लोज नहीं किया गया है। कभी भी पार्टी की तरफ से कैंडिडेट की घोषणा की जा सकती है। अब समझिए 10महीने में कैसे बदलते गए कांग्रेस-RJD के रिश्ते नवंबर 2025- हार के तुरंत बाद कांग्रेस में गठबंधन पर सवाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस केनेताओं ने दिल्ली में टॉप लीडरशिप के साथ समीक्षा बैठक में RJD को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने पलटवार करते हुए कहा,’अगर कांग्रेस अलग रास्ता अपनाना चाहती है, तो अपना ले। उन्हें अपनी असली ताकत का पता चल जाएगा।’कांग्रेस बिहार में ‘खत्म हो चुकी शक्ति’ है।’ तब कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा था,’महागठबंधन अब व्यवहार्य नहीं है। कांग्रेस को राजद के साथ गठबंधन से न तो चुनावी फायदा मिला, न संगठनात्मक। उल्टा नुकसान हुआ।
जनवरी 2026- कांग्रेस ने गठबंधन को चुनावी बताया कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा,’हमारा गठबंधन RJD के साथ केवल ‘चुनावी’ था। जल्द कोई चुनाव नहीं है, इसलिए गठबंधन पर चर्चा अप्रासंगिक है। हमारी प्राथमिकता संगठन मजबूत करना है। मार्च 2026- राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक ने RJD कैंडिडेट को वोट नहीं दिया मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव में RJD ने अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह) को राज्यसभा कैंडिडेट बनाया था। चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाहा वोटिंग से गायब रहे। नतीजा RJD कैंडिडेट हार गए। बाद में तीनों ने कहा कि कांग्रेस से बिना पूछे कैंडिडेट की घोषणा की गई थी इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया। 15 साल पहले भी RJD से अलग होकर लड़ी थी कांग्रेस

