Madelung’s Disease Hindi: उम्र बढ़ने के साथ शरीर के कुछ हिस्सों पर फैट यानी चर्बी का जमना आम बात मानी जाती है। लेकिन अगर आपके गले, कंधों, बाहों या पीठ के ऊपरी हिस्से पर असामान्य रूप से चर्बी के बड़े-बड़े ढेले या गांठें बनने लगें, तो इसे सिर्फ मोटापा समझकर नजरअंदाज करने की भूल न करें। यह समस्या साधारण वजन बढ़ने की वजह से नहीं, बल्कि एक दुर्लभ बीमारी के कारण हो सकती है जिसे मेडिकल की भाषा में मैडलुंग डिजीज (Madelung’s Disease) या बेनाइन सिमेट्रिक लिपोमैटोसिस (Benign Symmetric Lipomatosis) कहा जाता है। आइए, इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी एंड लेप्रोलॉजी (IJDVL) और क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट्स के आधार पर समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, क्यों होती है और इसके क्या संकेत हैं।
आखिर क्या होती है Madelung’s Disease?
मैडलुंग डिजीज शरीर में फैट (वसा) के मेटाबॉलिज्म से जुड़ी एक दुर्लभ स्थिति है। इसमें शरीर के ऊपरी हिस्से जैसे गर्दन, कंधों, सीने, बाहों और पीठ में अनियंत्रित रूप से चर्बी की गांठें (Lipomas) बनने लगती हैं। इस बीमारी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह चर्बी शरीर के दोनों तरफ एक समान (Symmetric) रूप से बढ़ती है। यानी अगर आपकी गर्दन के दाएं तरफ चर्बी जमा हो रही है, तो बाएं तरफ भी ठीक उसी तरह का उभार दिखाई देगा। कई बार गर्दन के चारों तरफ इतनी ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है कि व्यक्ति का चेहरा और गला एक जैसा मोटा दिखने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में हॉर्स कॉलर (Horse Collar) या मांसपेशियों वाला बैल (Madtschenko collar) जैसा रूप कहा जाता है। ये चर्बी के ढेले कैंसर (Non-cancerous/Benign) वाले नहीं होते हैं, लेकिन इनका आकार इतना बढ़ सकता है कि यह आपके चलने-फिरने, सांस लेने और निगलने में बाधा डालने लगते हैं।
मैडलुंग डिजीज के लक्षण कैसे पहचानें?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, मैडलुंग डिजीज के लक्षण धीरे-धीरे कई महीनों या सालों में सामने आते हैं। इसके मुख्य संकेत इस प्रकार हैं;
- गर्दन और कंधों पर चर्बी का उभार।
- सांस लेने और खाना निगलने में तकलीफ।
- आवाज में बदलाव।
- हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन।
- शरीर की गति पर असर।
यह बीमारी क्यों होती है? इसके मुख्य कारण
मैडलुंग डिजीज का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसके पीछे कुछ मुख्य फैक्टर्स जिम्मेदार माने जाते हैं;
- अत्यधिक शराब का सेवन (Chronic Alcoholism)।
- पुरुषों में ज्यादा खतरा।
- मेटाबॉलिक गड़बड़ियां।
- कोशिकाओं में खराबी।
क्या साधारण डाइटिंग या कसरत से यह चर्बी कम हो सकती है?
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जिम जाने या कम खाने से यह चर्बी पिघल जाएगी, लेकिन मैडलुंग डिजीज में ऐसा नहीं होता। यह साधारण चर्बी नहीं है, इसलिए डाइटिंग या कसरत का इन फैट टिश्यूज पर कोई खास असर नहीं पड़ता। वजन घटने के बाद भी ये गांठें वैसी ही बनी रह सकती हैं।
इसका इलाज और प्रबंधन कैसे होता है?
- शराब से पूरी तरह दूरी।
- सर्जरी (Surgical Resection)।
- लापोसुक्शन (Liposuction)।
- अन्य बीमारियों का इलाज।

