बदायूं जनपद के आरके इंटर कॉलेज सैदपुर में योग शिक्षक एवं ब्लॉक पी.टी.आई. गुरुदेव शर्मा ने आत्मरक्षा और नैतिक शिक्षा से जुड़ी बातें साझा कीं। जूनियर विद्यालय सैदपुर में बालिकाओं को प्रतिदिन आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने वाले गुरुदेव शर्मा को प्रबंधक साजिद भाई ने विद्यालय में बच्चों के साथ समय बिताने और उन्हें मार्गदर्शन देने का आग्रह किया। गुरुदेव शर्मा ने बच्चों से नैतिक शिक्षा, अनुशासन, ईमानदारी, समय के महत्व और अच्छे संस्कारों के बारे में चर्चा की। बच्चों ने पूरी एकाग्रता और अनुशासन के साथ उनकी बातों को सुना और समझा। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों की बुनियादी शिक्षा और संस्कार मजबूत हैं, तो वे जीवन में किसी भी परिस्थिति का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकते हैं। बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनमें नैतिकता, ईमानदारी, अनुशासन और समय के महत्व की समझ विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार दिए जाएं, तो यही संस्कार उनके व्यक्तित्व और चरित्र की मजबूत नींव बनते हैं। विद्यालय केवल किताबी ज्ञान देने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण पाठशाला भी है। “किताबों से मिले ज्ञान का अपना मुकाम है, मगर संस्कारों से ही बनता इंसान महान है। अनुशासन, ईमानदारी और समय का जो रखे मान, वही बच्चा आगे चलकर बनता है देश की शान।”

