गोंडा जिले के करनैलगंज से पूर्व सपा विधायक, पूर्व सपा मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधा है। उन्होंने आज शनिवार सुबह 9.30 बजे एक बयान जारी कर निषाद के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने डीएम और एसपी से पूछा था कि ‘सपा का मंत्री वहां क्यों पहुंच गया’। योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि वह सपा के पूर्व मंत्री बाद में हैं, करनैलगंज क्षेत्र के निवासी पहले हैं। उन्होंने कहा कि वह अचानक राजनीति में नहीं आए हैं। उनके बाबा और पिता दोनों राजनीति में रहे हैं। उनके पिता विधायक भी रह चुके हैं और वह खुद 1977 से राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने संजय निषाद से सवाल किया कि वह कैसे अपने क्षेत्र में चले गए, इस पर सवाल उठा रहे हैं। योगेश प्रताप ने कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र में जाने के लिए किसी मंत्री से आदेश लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि जब संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद पहली बार चुनाव लड़ रहे थे और अखिलेश यादव ने समर्थन दिया था, तब वह विधानसभा प्रभारी के रूप में एक महीने तक चुनाव में रहकर मदद की थी और उन्हें सांसद बनवाया था। योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें यह सुनकर बहुत कष्ट हुआ कि संजय निषाद जैसे वरिष्ठ व्यक्ति ऐसी बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति आती-जाती रहती है। आज वह मंत्री हैं, कल नहीं रहेंगे। सामान्य व्यवहार ही एक-दूसरे को राजनीति में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष वहां आगजनी करने नहीं गया था, बल्कि अपने साथी के घाव पर मरहम लगाने गया था। योगेश प्रताप ने कहा कि संजय निषाद की यह बात सुनकर बहुत कष्ट हुआ, अगर वह जनता से डरते हैं तो उनके अंत का समय आ गया है। तो कहीं ना कहीं आपके मन में अब जनता के प्रति डर पैदा हो गया है यह स्वाभाविक भी है। जिस तरीके का कृत्य आप लोगों ने 5 वर्षों में किया है जनता के साथ व्यवहार किया है अब आपका अंत समय आ गया है वह डर आपके मन में आना चाहिए। एक दृश्य हमें आपका देख करके बहुत खराब लगा आप आए थे विनोद साहनी के हत्या पर अपना दुख जताने लेकिन हमने देखा आपने बुके लिया आपका स्वागत किया गया अपने साथी के हत्या के सिलसिले में आप यहां पर आए अपना स्वागत करवाया यह भारतीय परंपरा में कहीं नहीं लिखा हुआ है मैं आपके इस कृत्य की निंदा करता हूं। आगे कहा कि कल जब मंत्री गोंडा आए थे तो मैं मृतक के घर पर था इसी दौरान एडिशनल एसपी पश्चिमी राधेश्याम राय हमारे पास आए कहे कि उनके बेटे और पत्नी को मंत्री संजय निषाद गोंडा आए हैं। वह बुलाए हैं इसको सुनकर मैं आवक रह गया एक व्यक्ति जिसकी घर पर लाश पड़ी हुई है। जिसको सांत्वना देने के लिए क्षेत्र से हजारों लोग आए और उनके बेटे बेटी और पत्नी को मंत्री गोंडा बुला रहे हैं। जब मैं परिवार से बात किया तो लोगों ने कहा कि मैं अपने पति की लाश और बच्चों को छोड़कर के कहीं नहीं जाऊंगी। आगे कहा कि कल भरी बरसात के बीच में वहां पर सुबह 6:00 बजे पहुंच गया था उनकी पत्नी बेटे और बेटियां सब आकर के मुझसे लिपट कर रोने लगी। हमसे परिवार के लोगों ने कहा कि हमको सुरक्षा नहीं मिल पाएगी हम यहां सब बेच करके बाहर चले जाएंगे उनकी इस बात से मैं बहुत आहत हुआ हमने कहा कि हम लोगों के लिए बड़ा शर्मनाक होगा कि आप यहां से दो-चार लोगों की गुंडई से क्षेत्र छोड़कर के चले जाएंगे तो हमारे क्षेत्र की पूरी इमेज खराब हो जाएगी।

