धौलपुर. प्रथम चरण के निकाय चुनाव संपन्न होने के साथ धौलपुर नगर परिषद में अपना-अपना बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा ने बुधवार रात से ही ‘प्लान’ को आकार देना शुरू कर दिया था। गुरुवार सुबह तक तो दोनों दलों के साथ जिताऊ निर्दलीय प्रत्याशी जिले के सीमा से बाहर जा चुके थे। सूत्रों के अनुसार भाजपा ने मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर भेजा है जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी पहले यूपी और फिर शाम होनेे तक साउथ के किसी शहर में भेजने की खबर थी।
हालांकि, इसको लेकर कांग्रेस नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस बोर्ड बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार भी सक्रिय हो चुके हैं। बताया कि भाजपा ने अपने जिताऊ और ठोस उम्मीदवारों को भरतपुर शहर में कुछ होटलों में ठहरवाया है। इनकी बुकिंग करीब 15 दिन पहले हो गई थी। वहीं, बोर्ड बनाने के लिए बहुमत को लेकर दोनों पार्टियों ने बसपा और निर्दलियों से भी पींगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। नगर परिषद चुनाव के दौरान कई वार्डों में बसपा और निर्दलियों उम्मीदवारों ने कड़ी टक्कर दी है, जिससे इनकी भी भूमिका बढ़ गई है।
मतदान के बाद कई के चेहरे सुस्त, कई चहके
नगर परिषद के 60 वार्डों में हुए चुनाव के बाद बुधवार देर शाम प्रत्याशियों ने हार-जीत को लेकर गणित फलाना शुरू कर दिया। वोटिंग और आंकड़ों कुछ मजबूत प्रत्याशियों के चेहरे सुस्त दिखे। वहीं, कई वोटिंग के बाद जोश में नजर आए। कुछ के कार्यकर्ताओं ने तो जयकारे तक लगा दिए। हालांकि, बोर्ड गठन को लेकर निर्दलियों पर दोनों दलों की नजर है। कई निर्दलीय वोटिंग के बाद से शहर में नजर नहीं आए हैं। वहीं, जो महिला प्रत्याशी मैदान में थी, अब वोटिंग के बाद वह पीहर जा चुकी हैं जबकि उनके पति बाडेबंदी में हैं।
जयपुर तक रखी जा रही नजर
मतदान के बाद 15 सितम्बर को सभापति के लिए होने वाली वोटिंग को लेकर राजधानी जयपुर से भी नजर रखी जा रही है। वोटिंग होने के बाद भारी भरकम प्रत्याशी सक्रिय हो गए थे और वह अपने साथ कुछ अन्य जिताऊ को भी ले गए। वहीं, जिले के चारों विधायक भी सक्रिय हैं। हालांकि, सबकी नजरें धौलपुर नगर परिषद चुनाव पर है। वहीं, बाड़ी, राजाखेड़ा, बसेड़ी व सरमथुरा में पालिका में बोर्ड बनाने को लेकर भी नाक का सवाल बन गया है।

