जहानाबाद में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बुलावे पर शुक्रवार को देशव्यापी एकदिवसीय बैंक हड़ताल का असर दिखा। 5 डे बैंकिंग समेत कई मांगों को लेकर यह हड़ताल की गई थी। जिले की पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) समेत कई बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंककर्मियों ने अपनी शाखाओं के बाहर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द समाधान मांगा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि 5 डे बैंकिंग की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) को लेकर भी असमानता खत्म करने की मांग की जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार, उच्च स्तर के अधिकारियों को 365 दिनों का पीएलआई और निचले स्तर के अधिकारियों को सिर्फ 15 दिनों का पीएलआई दिया जाता है। इस व्यवस्था में बराबरी होनी चाहिए। पंजाब नेशनल बैंक एम्प्लाइज यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट कुमार राजीव रंजन ने कहा कि बैंककर्मी हड़ताल करना नहीं चाहते, लेकिन लगातार मांगों की अनदेखी के कारण मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन किया गया और मांगों को लेकर आश्वासन मिला, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, पीएनबी बिहार के ऑर्गेनाइजेशन सेक्रेटरी सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि हड़ताल के कारण खाताधारकों और आम ग्राहकों को परेशानी होती है, जिसका कर्मचारियों को भी दुख है। लेकिन जब सरकार कर्मचारियों की सही मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन करना मजबूरी हो जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल शुक्रवार को एकदिवसीय हड़ताल की गई है। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो 26, 27 और 28 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की है कि समय रहते मांगों का समाधान किया जाए, ताकि बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर को रोका जा सके। जहानाबाद में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बुलावे पर शुक्रवार को देशव्यापी एकदिवसीय बैंक हड़ताल का असर दिखा। 5 डे बैंकिंग समेत कई मांगों को लेकर यह हड़ताल की गई थी। जिले की पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) समेत कई बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंककर्मियों ने अपनी शाखाओं के बाहर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द समाधान मांगा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि 5 डे बैंकिंग की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) को लेकर भी असमानता खत्म करने की मांग की जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार, उच्च स्तर के अधिकारियों को 365 दिनों का पीएलआई और निचले स्तर के अधिकारियों को सिर्फ 15 दिनों का पीएलआई दिया जाता है। इस व्यवस्था में बराबरी होनी चाहिए। पंजाब नेशनल बैंक एम्प्लाइज यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट कुमार राजीव रंजन ने कहा कि बैंककर्मी हड़ताल करना नहीं चाहते, लेकिन लगातार मांगों की अनदेखी के कारण मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन किया गया और मांगों को लेकर आश्वासन मिला, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, पीएनबी बिहार के ऑर्गेनाइजेशन सेक्रेटरी सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि हड़ताल के कारण खाताधारकों और आम ग्राहकों को परेशानी होती है, जिसका कर्मचारियों को भी दुख है। लेकिन जब सरकार कर्मचारियों की सही मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन करना मजबूरी हो जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल शुक्रवार को एकदिवसीय हड़ताल की गई है। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो 26, 27 और 28 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की है कि समय रहते मांगों का समाधान किया जाए, ताकि बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर को रोका जा सके।

