सुपौल के एक मदरसे में समोसा और मिठाई खाने से फूड प्वाइजनिंग की घटना में शुक्रवार को दूसरी छात्रा की भी मौत हो गई। सुपौल शहर के अनंत प्रेरणा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में इलाज करवा रही हलीमा सादिया ने दम तोड़ दिया। इससे पहले 10 साल की अल्फिशा की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना में अब तक दो छात्राओं की जान जा चुकी है।
सोमवार को मदरसे में रहने वाली चार छात्राओं आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। सभी को बेहोशी की हालत में सुपौल के निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 साल की बेटी अल्फिशा की मौत हो गई थी। शुक्रवार को हलीमा सादिया ने भी दम तोड़ दिया। अल्फिशा की मां बच्चों को देकर गई थी मिठाई-समोसा
मदरसा चलाने वाले खलील रहमान के मुताबिक, अल्फिशा की मां सोमवार को बच्ची से मिलने पहुंची थी। वह मिठाई और समोसा देकर गई थी। यह खाने के बाद चारों छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया।
मदरसे में करीब 60-65 छात्राएं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। यह संस्था लगभग दो साल से चल रही है। अल्फिशा भी डेढ़-दो साल से यहीं रह रही थी। घटना के बाद पुलिस ने पहुंचकर संचालक और शिक्षकों से पूछताछ की थी। अधिकारियों की टीम ने मदरसे की जांच की
डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय से डीपीओ समेत अधिकारियों की टीम ने मदरसे की जांच की थी। सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया था कि सूचना मिलने पर वे एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि मदरसे में कई बच्चियां हॉस्टल के रूप में रह रही थी। मदरसे को सील कर दिया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस की जांच जारी है। सुपौल के एक मदरसे में समोसा और मिठाई खाने से फूड प्वाइजनिंग की घटना में शुक्रवार को दूसरी छात्रा की भी मौत हो गई। सुपौल शहर के अनंत प्रेरणा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में इलाज करवा रही हलीमा सादिया ने दम तोड़ दिया। इससे पहले 10 साल की अल्फिशा की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना में अब तक दो छात्राओं की जान जा चुकी है।
सोमवार को मदरसे में रहने वाली चार छात्राओं आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। सभी को बेहोशी की हालत में सुपौल के निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 साल की बेटी अल्फिशा की मौत हो गई थी। शुक्रवार को हलीमा सादिया ने भी दम तोड़ दिया। अल्फिशा की मां बच्चों को देकर गई थी मिठाई-समोसा
मदरसा चलाने वाले खलील रहमान के मुताबिक, अल्फिशा की मां सोमवार को बच्ची से मिलने पहुंची थी। वह मिठाई और समोसा देकर गई थी। यह खाने के बाद चारों छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया।
मदरसे में करीब 60-65 छात्राएं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। यह संस्था लगभग दो साल से चल रही है। अल्फिशा भी डेढ़-दो साल से यहीं रह रही थी। घटना के बाद पुलिस ने पहुंचकर संचालक और शिक्षकों से पूछताछ की थी। अधिकारियों की टीम ने मदरसे की जांच की
डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय से डीपीओ समेत अधिकारियों की टीम ने मदरसे की जांच की थी। सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया था कि सूचना मिलने पर वे एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि मदरसे में कई बच्चियां हॉस्टल के रूप में रह रही थी। मदरसे को सील कर दिया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस की जांच जारी है।

