कानपुर देहात में एक ही बिजली हादसे में दो बार आर्थिक लाभ दिए जाने का दावा सामने आया है। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलपुर थाना क्षेत्र के सांधूपुर गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक राजभान सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। पूर्व सैनिक राजभान सिंह के मुताबिक, सांधूपुर गांव के जालिम सिंह पुत्र छोटेलाल की साल 2023 में बिजली के करंट से मौत हो गई थी। उनका दावा है कि जालिम सिंह बिना इजाजत 11 केवी बिजली के पोल पर चढ़ा था। इसी दौरान करंट लगने से उसकी जान चली गई। इस मामले में बिजली विभाग के बड़े अधिकारियों ने जांच कराई थी। उपनिदेशक विद्युत सुरक्षा की रिपोर्ट के आधार पर विद्युत नियमावली 1956 के नियम 36(2) के तहत मृतक को हादसे के लिए खुद जिम्मेदार माना गया था। पूर्व सैनिक के अनुसार, घटना के बाद मृतक के पिता छोटेलाल ने 25 अप्रैल 2023 को मंगलपुर थाने में केस दर्ज कराया था। पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। राजभान सिंह का दावा है कि मृतक की पत्नी को इसी घटना के आधार पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 23 जून 2023 को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिल चुकी है। अब आरोप है कि इसी मौत की घटना के आधार पर बिजली विभाग (यूपीपीसीएल) से दोबारा पांच लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश 31 जुलाई 2026 को जारी हुआ। पूर्व सैनिक का कहना है कि दूसरे भुगतान के आदेश में पहले मिल चुकी पांच लाख रुपये की सहायता का जिक्र नहीं किया गया है। कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल राजभान सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मिलीभगत की आशंका भी जताई है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और सबूत संबंधित विभागीय अधिकारियों को ईमेल से भेज दिए गए हैं। पूर्व सैनिक ने मुख्यमंत्री और डीएम से निष्पक्ष जांच कराने, कथित दोहरे भुगतान को रोकने और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डीएम कपिल सिंह ने कहा है कि आरोपों की जांच कराई जाएगी।

