सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर यूरिया तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शोहरतगढ़ इलाके में 8 सितंबर की रात नेपाल ले जाई जा रही 14 बोरी यूरिया पकड़ी गई। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जबकि तीन लोग अंधेरे का फायदा उठाकर नेपाल भाग गए। मौके से चार साइकिल भी बरामद हुईं। यूरिया के वैध कागजात नहीं मिलने पर उसे जब्त कर पुलिस को सौंप दिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में बताया कि वह करहिया निवासी मुबारक से यूरिया लेकर नेपाल पहुंचाने जा रहा था। इसके बाद मुबारक समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। कृषि विभाग ने मामले को भारतीय अनुदानित यूरिया की अवैध ढुलाई, तस्करी और कालाबाजारी से जुड़ा बताया है। खाद की सप्लाई को लेकर उठे सवाल कार्रवाई के बाद खाद की सप्लाई को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। मुबारक तक पहुंची 14 बोरी यूरिया किस माध्यम से आई और इसे किस स्थान से उपलब्ध कराया गया, इसकी जांच जरूरी है। संबंधित खाद दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की जांच से यूरिया की सप्लाई के स्रोत का पता लगाया जा सकता है। दुकानों के स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच जरूरी इस मामले में मुबारक का नाम सामने आया है, लेकिन किसी खाद दुकान या दुकानदार का नाम केस में दर्ज नहीं है। ऐसे में कृषि विभाग को अधिकृत खाद दुकानों के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच करनी होगी। इससे यह पता चल सकेगा कि अनुदानित यूरिया की 14 बोरियां सप्लाई चेन में कहां से निकलीं और तस्करी तक कैसे पहुंचीं। सीमा पर तस्करी के दौरान यूरिया पकड़े जाने के बाद अब खाद की सप्लाई के स्रोत तक जांच पहुंचना जरूरी है। इससे तस्करी में शामिल लोगों के साथ खाद उपलब्ध कराने वाले माध्यम की भी पहचान हो सकेगी।

