केरलम के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर पीएम श्री योजना पर जल्द से जल्द निर्णय लेने को कहा है। शम्सुद्दीन ने संवाददाताओं से कहा, केंद्रीय शिक्षा सचिव की ओर से हमारे मुख्य सचिव को मिले पत्र में कहा गया है कि उक्त मामले में जल्द से जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि शेष योजनाएं आगे बढ़ सकें। इस पत्र को प्राप्त हुए दो से तीन दिन हो चुके हैं।
हम इस पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन पर राज्य का रुख चर्चा के बाद स्पष्ट किया जाएगा। शम्सुद्दीन ने कहा, मैं अपने स्तर पर कोई बयान नहीं दे सकता।
मुख्यमंत्री, हमारे संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) नेतृत्व के साथ मिलकर फैसला करेंगे और मुख्यमंत्री इसकी घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि केरलम में पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना को लेकर अलग-अलग विचार हैं। मंत्री ने कहा कि इसी के साथ इस पर सरकार की आपत्तियां भी बनी हुई हैं।
मंत्री ने कहा, “पूरे यूडीएफ की ओर से हमने चुनाव से पहले ही इसका विरोध जताया था। आज भी इसे लेकर हमारी आपत्तियां बरकरार हैं। इसलिए इसके विवरण की और जांच किए जाने की जरूरत है।”
पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने पीएम श्री योजना के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
हालांकि, इसे लेकर एलडीएफ के भीतर आलोचना होने और यूडीएफ के विरोध-प्रदर्शन के बाद समझौते को रोक दिया गया था। इसके बाद सत्ता में आई यूडीएफ सरकार ने इस मामले का अध्ययन करने और यह सिफारिश करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया कि राज्य को इस योजना के साथ आगे बढ़ना चाहिए या इससे पीछे हट जाना चाहिए। पीएम श्री योजना का लक्ष्य 14,500 विद्यालयों का आधुनिकीकरण करना है और इससे 18 लाख छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि ये विद्यालय मॉडल संस्थानों के रूप में काम करें और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना को आत्मसात करें।

