ठगी का मामला:सेना में नौकरी का झांसा दे 8 लाख ठगे, आरोपी धराया

ठगी का मामला:सेना में नौकरी का झांसा दे 8 लाख ठगे, आरोपी धराया

भारतीय सेना में भर्ती कराने का आश्वासन देकर बिहार के औरंगाबाद स्थित देवकुंड निवासी युवक जुगेश कुमार से 8 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने पहले डील फाइनल की और इसके बाद उसे एमईएस का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दे दिया। ज्वाइनिंग लेटर फर्जी होने का एहसास होने पर जुगेश ने आर्मी इंटेलिजेंस को सूचना दी। इसके बाद बुधवार को नामकुम थाना पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी और आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने बुटी मोड़ के पास से मुख्य आरोपी गौतम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसे गुरुवार को जेल भेज दिया गया। गौतम सदर थाना क्षेत्र के बुटी मोड़ का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से कई कागजात भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने फर्जी कागजात तैयार कर रखे थे, जिसके माध्यम से अन्य लोगों को भी ठगने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, इससे पहले ही वह पकड़ा गया। 1.5 लाख एडवांस और लेटर देने के बाद 6.50 लाख लिए
जुगेश ने बताया कि वर्ष 2024 में गांव के ही मृत्युंजय कुमार ने उसे वैशाली निवासी राजकिशोर उर्फ राघवेंद्र से मिलवाया। राघवेंद्र ने सरकारी नौकरी लगवाने की बात कहकर 8 लाख रुपए में डील तय की और उसे दानापुर कैंट ले गया। वहां उसके मूल दस्तावेज अपने पास रख लिए और कैंट के बाहर खड़ा कर खुद अंदर चला गया। लौटकर काम हो जाने का भरोसा दिया। इसके बाद राघवेंद्र ने जुगेश को रांची भेजकर गौतम कुमार और चंदन सिंह से मिलने को कहा। गौतम ने 1.50 लाख रुपए एडवांस लिए और उसे नामकुम आर्मी कैंप के पास ले गया। वहां भी जुगेश को बाहर खड़ा कर अंदर गया और लौटकर नौकरी लगने का आश्वासन दिया। दो महीने बाद फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर उससे 6.50 लाख रुपए और ले लिए। इसके बाद चंदन उसे दिल्ली आर्मी कैंट ले गया और कुछ दिन इधर-उधर घुमाने के बाद अकेला छोड़कर फरार हो गया। गौतम और चंदन का पुराना आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार गिरफ्तार गौतम कुमार और फरार चंदन सिंह का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी के आरोप में पहले भी जेल भेजा जा चुका है। जेल से छूटने के बाद दोनों फिर सक्रिय हो गए और सेना में नौकरी लगाने का झांसा देकर युवकों को ठगने लगे। पुलिस अब चंदन के अलावा बिट्टू प्रसाद, मृत्युंजय कुमार और राजकिशोर उर्फ राघवेंद्र की तलाश में छापेमारी कर रही है। भारतीय सेना में भर्ती कराने का आश्वासन देकर बिहार के औरंगाबाद स्थित देवकुंड निवासी युवक जुगेश कुमार से 8 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने पहले डील फाइनल की और इसके बाद उसे एमईएस का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दे दिया। ज्वाइनिंग लेटर फर्जी होने का एहसास होने पर जुगेश ने आर्मी इंटेलिजेंस को सूचना दी। इसके बाद बुधवार को नामकुम थाना पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी और आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने बुटी मोड़ के पास से मुख्य आरोपी गौतम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसे गुरुवार को जेल भेज दिया गया। गौतम सदर थाना क्षेत्र के बुटी मोड़ का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से कई कागजात भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने फर्जी कागजात तैयार कर रखे थे, जिसके माध्यम से अन्य लोगों को भी ठगने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, इससे पहले ही वह पकड़ा गया। 1.5 लाख एडवांस और लेटर देने के बाद 6.50 लाख लिए
जुगेश ने बताया कि वर्ष 2024 में गांव के ही मृत्युंजय कुमार ने उसे वैशाली निवासी राजकिशोर उर्फ राघवेंद्र से मिलवाया। राघवेंद्र ने सरकारी नौकरी लगवाने की बात कहकर 8 लाख रुपए में डील तय की और उसे दानापुर कैंट ले गया। वहां उसके मूल दस्तावेज अपने पास रख लिए और कैंट के बाहर खड़ा कर खुद अंदर चला गया। लौटकर काम हो जाने का भरोसा दिया। इसके बाद राघवेंद्र ने जुगेश को रांची भेजकर गौतम कुमार और चंदन सिंह से मिलने को कहा। गौतम ने 1.50 लाख रुपए एडवांस लिए और उसे नामकुम आर्मी कैंप के पास ले गया। वहां भी जुगेश को बाहर खड़ा कर अंदर गया और लौटकर नौकरी लगने का आश्वासन दिया। दो महीने बाद फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर उससे 6.50 लाख रुपए और ले लिए। इसके बाद चंदन उसे दिल्ली आर्मी कैंट ले गया और कुछ दिन इधर-उधर घुमाने के बाद अकेला छोड़कर फरार हो गया। गौतम और चंदन का पुराना आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार गिरफ्तार गौतम कुमार और फरार चंदन सिंह का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी के आरोप में पहले भी जेल भेजा जा चुका है। जेल से छूटने के बाद दोनों फिर सक्रिय हो गए और सेना में नौकरी लगाने का झांसा देकर युवकों को ठगने लगे। पुलिस अब चंदन के अलावा बिट्टू प्रसाद, मृत्युंजय कुमार और राजकिशोर उर्फ राघवेंद्र की तलाश में छापेमारी कर रही है।  

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