जिला स्कूल परिसर में पानी की टंकी गिरने से हुए हादसे के 24 घंटे बाद भी न तो कोई विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित हो पाई है और न ही किसी की ओर से प्राथमिकी दर्ज हुई है। हादसे के दूसरे दिन भी निर्माण एजेंसी मां कृपा डेवलपर्स के संचालक का मोबाइल फोन लगातार बंद रहा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस गंभीर हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और मृत दो मजदूरों के परिजनों को मुआवजा मिलेगा या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है। बुधवार शाम हुए हादसे में पलामू जिले के पड़वा मोड़ के पास रहने वाले मजदूर सत्या भुइयां (25) और मैथिली शरण महतो (42) की मौके पर ही मौत हो गई थी। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने घटना को गंभीरता से लिया है, लेकिन फिलहाल विभाग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रांची अर्बन के अधीक्षण अभियंता विजय एडविन ने बूटी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी व्यक्ति या निर्माण एजेंसी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुकूल सख्त कार्रवाई होगी। परिजन के आवेदन का इंतजार, फिर होगी एफआईआर : कोतवाली पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात 8:30 बजे तक थाने में किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी थी। पुलिस मृतकों के परिजनों से लगातार संपर्क में है। परिजनों ने थाना पहुंचकर लिखित आवेदन देने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 22 अगस्त को दिए थे सुरक्षा के निर्देश, फिर भी हादसा सवाल यह है कि जब विभाग ने 22 अगस्त को ही संबंधित एजेंसी को पत्र भेजकर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया था, इसके बावजूद लापरवाही कैसे हुई। एजेंसी को कोतवाली थाना और स्कूल प्रशासन से समन्वय कर काम करने तथा 150 फीट के दायरे में चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते दो मजदूरों की जान चली गई।

