कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को सागर ज़िले में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से 31 लोगों की मौत के बाद बीजेपी के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने राज्य सरकार पर इंसानी ज़िंदगी की परवाह न करने और ज़िम्मेदारी न लेने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में खड़गे ने कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार की हदें पार कर चुकी है। उदासीनता और लापरवाही का आलम यह है कि अब इंसानी ज़िंदगी की भी कोई कीमत नहीं रह गई है। सागर जिले में ज़हरीली शराब से 31 लोगों की जान चली गई है। 11 लोग अभी भी ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
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खड़गे ने आगे कहा कि 31 परिवार बर्बाद हो गए हैं – किसी का बेटा चला गया, किसी के पिता, तो किसी के पति। लेकिन बीजेपी सरकार के लिए यह भी बस एक और ‘हादसा’ है। क्योंकि पिछले 22 सालों से बीजेपी सरकार का यही तरीका रहा है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में ज़हरीली शराब, पानी और दवाओं से हुई मौतों की कई घटनाओं ने शासन की विफलता को उजागर किया है और दावा किया कि सरकार ने अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।
खड़गे ने कई घटनाओं का ज़िक्र किया: बालाघाट में 27 से ज़्यादा बच्चों की मौत हुई, और एक महीने से ज़्यादा समय तक कार्रवाई में देरी करने पर हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई; इंदौर में दूषित पानी से 36 लोगों की मौत हुई; ज़हरीली कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत हुई; और सीधी में एक ही साल में बच्चे को जन्म देते समय 53 महिलाओं की मौत हो गई। खड़गे ने न्याय की मांग करने वाली जनता के प्रति अपनाए गए रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि जब जनता न्याय मांगती है, तो जवाब में वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाता है। चाहे केंद्र सरकार हो या बीजेपी की राज्य सरकारें, कोई भी ज़िम्मेदारी नहीं लेता और न ही किसी को सज़ा मिलती है।
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उनकी यह टिप्पणी सागर ज़िले के बांदा इलाके से आई उन खबरों के बाद आई है, जहां ज़हरीली शराब पीने से कई लोग बीमार पड़ गए थे। अधिकारी मरीज़ों पर नज़र रख रहे हैं और प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग व जागरूकता अभियान चला रहे हैं। पुलिस ने ज़हरीली शराब की सप्लाई और वितरण में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई तेज़ कर दी है। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि इस मामले में नामज़द 30 आरोपियों में से 16 को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि बाकी संदिग्धों को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।
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