Knee Bursitis Hindi: क्या कभी जमीन पर घुटना टेककर बैठने के बाद आपको घुटने के ठीक ऊपर या नीचे तेज दर्द और सूजन महसूस हुई है? या फिर चलने-फिरने पर घुटना छूने में गर्म और लाल लगता है? अमूमन लोग इसे घुटने का साधारण दर्द या बढ़ती उम्र का असर मानकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन यह घुटने के जोड़ में मौजूद तरल पदार्थ की थैली में आई सूजन हो सकती है, जिसे मेडिकल भाषा में नी बर्साइटिस (Knee Bursitis) कहा जाता है। बर्साइटिस घुटने में होने वाली एक बेहद आम लेकिन तकलीफदेह समस्या है। आइए समझते हैं कि Knee Bursitis क्या है, इसके क्या लक्षण हैं, यह क्यों होती है और इससे राहत कैसे पाई जा सकती है।
क्या होता है Knee Bursitis (नी बर्साइटिस)?
एनएचएस के अनुसार, हमारे शरीर के सभी जोड़ों की तरह घुटने में भी छोटी-छोटी, तरल पदार्थ (Fluid) से भरी थैलियां होती हैं। इन थैलियों को बर्सा (Bursa) कहा जाता है। बर्सा का मुख्य काम घुटने की हड्डियों, मांसपेशियों, त्वचा और टेंडन (Tendon) के बीच घर्षण (Friction) यानी रगड़ को कम करना होता है। यह एक कुशन की तरह काम करती है, ताकि जब आप चलें, दौड़ें या घुटना मोड़ें, तो हड्डियों पर सीधा दबाव न पड़े। जब किसी वजह से इन थैलियों (बर्सा) में चोट लग जाती है, बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है या इंफेक्शन हो जाता है, तो इनमें सूजन आ जाती है। इसी सूजन को Knee Bursitis कहते हैं।
नी बर्साइटिस के मुख्य लक्षण?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, नी बर्साइटिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि घुटने की कौन सी बर्सा प्रभावित हुई है और सूजन का कारण क्या है। अगर आपको नीचे दिए गए बदलाव महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं;
- घुटने में सूजन और उभार।
- छूने पर दर्द और गर्माहट।
- त्वचा में लालिमा (Redness)।
- मुड़ने और चलने में परेशानी।
- रात में या आराम करते समय दर्द।
क्यों होती है नी बर्साइटिस?
- लगातार घुटने टेककर काम करना।
- अचानक चोट या गिरना।
- बैक्टीरियल इंफेक्शन (Infected Bursitis)।
- गठिया या आर्थराइटिस।
- अत्यधिक इस्तेमाल (Overuse)।
नी बर्साइटिस से तुरंत राहत पाने के उपाय
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर आपको शुरुआत में हल्का दर्द या सूजन महसूस हो रही है, तो घर पर यह आसान तरीका अपनाएं;
- R (Rest – आराम)- घुटने को पूरा आराम दें। ऐसी गतिविधियों से बचें, जिनसे घुटने पर दबाव पड़ता हो (जैसे सीढ़ियां चढ़ना या उकड़ूं बैठना)।
- I (Ice – बर्फ की सिकाई)- दिन में 3-4 बार 15-20 मिनट के लिए बर्फ को कपड़े में लपेटकर घुटने पर लगाएं। इससे सूजन और दर्द दोनों में तुरंत आराम मिलता है।
- C (Compression – पट्टी बांधना)- घुटने पर हल्का सपोर्ट देने के लिए नी-कैप (Knee Cap) या क्रेप बैंडेज बांधें। ध्यान रखें कि पट्टी बहुत ज्यादा कसी न हो।
- E (Elevation – पैर ऊंचा रखना)- बैठते या लेटते समय पैर के नीचे तकिया लगाकर उसे दिल के स्तर से थोड़ा ऊंचा रखें।
बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान
- नी पैड्स (Knee Pads) का इस्तेमाल करें।
- वजन नियंत्रित रखेंहै।
- खेल से पहले वार्म-अप करें।
- बीच-बीच में ब्रेक लें।
डॉक्टर से परामर्श कब है जरूरी?
अगर आपके घुटने की सूजन 2 से 3 हफ्तों में कम न हो, दर्द बहुत ज्यादा बढ़ जाए, घुटने से बहुत तेज गर्माहट महसूस हो या आपको बुखार आ जाए, तो तुरंत किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedic) से सलाह लें। इंफेक्शन वाले बर्साइटिस में एंटीबायोटिक दवाओं या बर्सा से तरल पदार्थ निकालने की जरूरत पड़ सकती है। सही समय पर देखभाल से घुटना जल्दी ठीक हो जाता है और आप बिना दर्द के अपनी दिनचर्या में वापस लौट सकते हैं।

