बिना वेतन की छुट्टी पर भेजा, एक साल से कोई सैलरी नहीं मिली- WHO से इस्तीफे के बाद शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद ने तोड़ी चुप्पी

बिना वेतन की छुट्टी पर भेजा, एक साल से कोई सैलरी नहीं मिली- WHO से इस्तीफे के बाद शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद ने तोड़ी चुप्पी

Sheikh Hasina Daughter Saima Wazed: पड़ोसी मुल्क बंगलादेश से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद ने WHO से इस्तीफा दे दिया है। बता दें वह ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ के साउथ-ईस्ट एशिया रीजन की डायरेक्टर थीं। उनका कार्यकाल पांच साल का था। लेकिन करीब दो साल में ही उनकी राह मुश्किल हो गई। उन्हें प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया गया। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक साल से उन्हें कोई वेतन नहीं मिला। साइमा ने कहा कि इन हालात ने उनकी आर्थिक स्थिति खराब कर दी है। साथ ही उन्होंने WHO के नेतृत्व पर भरोसा खत्म होने की बात कही है।

2024 में संभाला था पद… 2025 में छुट्टी पर भेजा

बता दें साइमा वाजेद ने 2024 की शुरुआत में WHO के साउथ-ईस्ट एशिया रीजनल डायरेक्टर का पद संभाला था। यह नियुक्ति पांच साल के लिए हुई थी। लेकिन जुलाई 2025 में उन्हें प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया गया। बाद में यह छुट्टी बिना वेतन वाली हो गई।

इसी दौरान बांग्लादेश के एंटी-करप्शन कमीशन ने उनके खिलाफ जांच शुरू की। उन पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए। ये आरोप मार्च 2025 में दर्ज किए गए थे। WHO की ओर से भी साइमा पर गंभीर आरोप लगाए गए।

धोखाधड़ी और जमीन से जुड़े आरोप

WHO ने साइमा पर चीन की यात्रा से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि साइमा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ऑटिज्म के क्षेत्र में उनके काम के लिए उन्हें डॉक्टरेट पद मिली थी।

साइमा पर बांग्लादेश में एक प्लॉट गलत तरीके से हासिल करने का भी आरोप लगा। हालांकि उन्होंने इसका भी जवाब दिया। साइमा ने कहा कि उन्होंने यह जमीन WHO में शामिल होने से पहले ही ली थी। बांग्लादेशी कानून के तहत वह इस जमीन की हकदार थीं। जमीन को लेकर उन्होंने WHO हेड टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस को इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी।

WHO के डायरेक्टर-जनरल को भेजा इस्तीफा

साइमा ने बुधवार को WHO के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस को अपना इस्तीफा भेजा। पत्र में उन्होंने अपने फैसले की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना काम ठीक से करने का मौका नहीं दिया गया। इससे WHO के नेतृत्व पर उनका भरोसा खत्म हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि बिना वेतन छुट्टी पर रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। वह अपने क्षेत्र के देशों की सेवा करने के लिए चुनी गई थीं। उन्होंने यह जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई। लेकिन मौजूदा हालात में उनके लिए पद पर बने रहना संभव नहीं है। WHO ने फिलहाल साइमा के इस्तीफे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे पहले संस्था ने सिर्फ इतना कहा था कि साइमा प्रशासनिक छुट्टी पर हैं।

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