खूंटी के भगत सिंह चौक स्थित अमित साहू के पेट्रोल पंप पर बुधवार देर रात बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी। दोनों युवक चेहरे को कपड़े से ढककर बाइक से पेट्रोल पंप के पास पहुंचे थे। घटना के बाद दोनों तोरपा रोड की ओर भाग निकले। फायरिंग की पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दोनों युवक बाइक से आते दिखाई दे रहे हैं। इनमें एक युवक फायरिंग करता नजर आ रहा है। घटना के बाद पेट्रोल पंप परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। PLFI के नाम पर्चा, 2 दिन में मांगे 10 लाख फायरिंग के बाद घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को एक पर्चा मिला। यह पर्चा PLFI के नाम से है। इसमें दो दिनों के अंदर 10 लाख रुपए की सहयोग राशि जमा करने की मांग की गई है। रकम नहीं देने पर गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी गई है। पर्चे पर संगठन से जुड़े प्रतीक चिन्ह बनाए गए हैं। नीचे एक कमांडर के नाम से हस्ताक्षर भी किए गए हैं। पर्चा मिलने के बाद पुलिस अब इसकी सत्यता और घटना में PLFI की वास्तविक भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि पर्चा वास्तव में संगठन की ओर से छोड़ा गया है या किसी ने दहशत फैलाने और रंगदारी की मांग के लिए संगठन के नाम का इस्तेमाल किया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने वहां से मिले साक्ष्यों को जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिया है। पुरानी धमकियों को भी जांच में जोड़ा सीसीटीवी फुटेज में दोनों संदिग्धों के चेहरे कपड़े से ढके हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस के सामने उनकी पहचान करना चुनौती बनी हुई है। पुलिस अब संदिग्धों के हुलिए, बाइक और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पेट्रोल पंप संचालक अमित साहू ने पुलिस को बताया है कि उन्हें पहले भी कथित तौर पर धमकियां मिल चुकी हैं। पुलिस इस जानकारी को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है। यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बुधवार रात की फायरिंग का संबंध पहले मिली धमकियों से है या नहीं। पुलिस पर्चे में लिखी बातों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है। खूंटी के भगत सिंह चौक स्थित अमित साहू के पेट्रोल पंप पर बुधवार देर रात बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी। दोनों युवक चेहरे को कपड़े से ढककर बाइक से पेट्रोल पंप के पास पहुंचे थे। घटना के बाद दोनों तोरपा रोड की ओर भाग निकले। फायरिंग की पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दोनों युवक बाइक से आते दिखाई दे रहे हैं। इनमें एक युवक फायरिंग करता नजर आ रहा है। घटना के बाद पेट्रोल पंप परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। PLFI के नाम पर्चा, 2 दिन में मांगे 10 लाख फायरिंग के बाद घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को एक पर्चा मिला। यह पर्चा PLFI के नाम से है। इसमें दो दिनों के अंदर 10 लाख रुपए की सहयोग राशि जमा करने की मांग की गई है। रकम नहीं देने पर गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी गई है। पर्चे पर संगठन से जुड़े प्रतीक चिन्ह बनाए गए हैं। नीचे एक कमांडर के नाम से हस्ताक्षर भी किए गए हैं। पर्चा मिलने के बाद पुलिस अब इसकी सत्यता और घटना में PLFI की वास्तविक भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि पर्चा वास्तव में संगठन की ओर से छोड़ा गया है या किसी ने दहशत फैलाने और रंगदारी की मांग के लिए संगठन के नाम का इस्तेमाल किया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने वहां से मिले साक्ष्यों को जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिया है। पुरानी धमकियों को भी जांच में जोड़ा सीसीटीवी फुटेज में दोनों संदिग्धों के चेहरे कपड़े से ढके हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस के सामने उनकी पहचान करना चुनौती बनी हुई है। पुलिस अब संदिग्धों के हुलिए, बाइक और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पेट्रोल पंप संचालक अमित साहू ने पुलिस को बताया है कि उन्हें पहले भी कथित तौर पर धमकियां मिल चुकी हैं। पुलिस इस जानकारी को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है। यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बुधवार रात की फायरिंग का संबंध पहले मिली धमकियों से है या नहीं। पुलिस पर्चे में लिखी बातों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है।

