मधेपुरा जिले के आलमनगर और चौसा प्रखंड के निचले इलाकों में कोसी नदी का पानी फैल गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर घरों में पानी घुसने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों को सूखे जलावन और मवेशियों के लिए हरे चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पानी फैलने के कारण लोग सुरक्षित और ऊंची जगहों पर जा रहे हैं। गांवों में पानी घुसने से बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। DM ने प्रभावित इलाकों में नाव से किया दौरा बाढ़ की स्थिति देखने के लिए डीएम अभिषेक रंजन ने बुधवार को नाव से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर जलस्तर, आने-जाने की व्यवस्था, राहत-बचाव काम और प्रभावित परिवारों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत काम में कोई लापरवाही न हो और जरूरतमंद परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचाई जाए। डीएम ने नाव से चौसा अंचल के मोरसंडा, अमनी टोला, करौलिया मुसहरी और फुलौत पश्चिम के सपनी मुसहरी जैसे कई पानी से भरे इलाकों का दौरा किया। इसके बाद वे आलमनगर अंचल के खरौवा वासा, अटगामा मुसहरी, मुरौत और सोनामुखी भी गए। उन्होंने प्रभावित लोगों से बात करके उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं। गांवों में घूम रही मोबाइल मेडिकल टीम पानी से भरे गांवों में मोबाइल मेडिकल टीम लगातार घूम रही है। यह टीम लोगों को जरूरी मेडिकल सुविधा और दवाएं दे रही है। पशु चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर जानवरों का इलाज कर रहे हैं। डीएम ने दोनों टीमों को लगातार इलाके में सक्रिय रहने का निर्देश दिया। प्रभावित परिवारों तक राशन पहुंचाने के लिए जन वितरण प्रणाली के दुकानदार घर-घर राशन पहुंचा रहे हैं। डीएम ने करौलिया मुसहरी टोला में सामुदायिक रसोई शुरू करने का निर्देश दिया। अटगामा मुसहरी में भी सामुदायिक रसोई शुरू करके प्रभावित लोगों को पका हुआ खाना देने को कहा गया है। सूखे खाद्य पदार्थों की पैकिंग का किया निरीक्षण डीएम ने उदाकिशुनगंज में राहत सामग्री और सूखे खाद्य पदार्थों की पैकिंग की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पैकिंग व्यवस्था और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा प्रभावित परिवारों के बीच जरूरत के अनुसार राहत सामग्री का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों की सुरक्षा और समय पर सहायता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य तत्काल संचालित करें। मधेपुरा जिले के आलमनगर और चौसा प्रखंड के निचले इलाकों में कोसी नदी का पानी फैल गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर घरों में पानी घुसने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों को सूखे जलावन और मवेशियों के लिए हरे चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पानी फैलने के कारण लोग सुरक्षित और ऊंची जगहों पर जा रहे हैं। गांवों में पानी घुसने से बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। DM ने प्रभावित इलाकों में नाव से किया दौरा बाढ़ की स्थिति देखने के लिए डीएम अभिषेक रंजन ने बुधवार को नाव से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर जलस्तर, आने-जाने की व्यवस्था, राहत-बचाव काम और प्रभावित परिवारों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत काम में कोई लापरवाही न हो और जरूरतमंद परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचाई जाए। डीएम ने नाव से चौसा अंचल के मोरसंडा, अमनी टोला, करौलिया मुसहरी और फुलौत पश्चिम के सपनी मुसहरी जैसे कई पानी से भरे इलाकों का दौरा किया। इसके बाद वे आलमनगर अंचल के खरौवा वासा, अटगामा मुसहरी, मुरौत और सोनामुखी भी गए। उन्होंने प्रभावित लोगों से बात करके उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं। गांवों में घूम रही मोबाइल मेडिकल टीम पानी से भरे गांवों में मोबाइल मेडिकल टीम लगातार घूम रही है। यह टीम लोगों को जरूरी मेडिकल सुविधा और दवाएं दे रही है। पशु चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर जानवरों का इलाज कर रहे हैं। डीएम ने दोनों टीमों को लगातार इलाके में सक्रिय रहने का निर्देश दिया। प्रभावित परिवारों तक राशन पहुंचाने के लिए जन वितरण प्रणाली के दुकानदार घर-घर राशन पहुंचा रहे हैं। डीएम ने करौलिया मुसहरी टोला में सामुदायिक रसोई शुरू करने का निर्देश दिया। अटगामा मुसहरी में भी सामुदायिक रसोई शुरू करके प्रभावित लोगों को पका हुआ खाना देने को कहा गया है। सूखे खाद्य पदार्थों की पैकिंग का किया निरीक्षण डीएम ने उदाकिशुनगंज में राहत सामग्री और सूखे खाद्य पदार्थों की पैकिंग की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पैकिंग व्यवस्था और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा प्रभावित परिवारों के बीच जरूरत के अनुसार राहत सामग्री का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों की सुरक्षा और समय पर सहायता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य तत्काल संचालित करें।

