गाज़ा (Gaza) और आसपास के इलाकों पर इज़रायल (Israel) के हमले अभी भी जारी हैं। इसी बीच इज़रायली विदेश मंत्री गिदोन सा’आर (Gideon Sa’ar) ने कहा है कि इज़रायल की गाज़ा से किसी को बाहर निकालने या डिपोर्ट करने की कोई योजना नहीं है। स्लोवेनिया (Slovenia) के ल्युब्लियाना (Ljubljana) में, जहाँ वह इज़रायल के दूतावास के उद्घाटन में शामिल हुए, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा, “हम गाज़ा से किसी को भी डिपोर्ट नहीं करेंगे।”
अगर कोई अपनी मर्ज़ी से जाना चाहता है तो…
इज़रायली विदेश मंत्री ने आगे कहा, अगर कोई अपनी मर्ज़ी से गाज़ा छोड़कर जाना चाहता है और कोई दूसरा देश उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार है, जैसा कि दूसरी जगहों पर युद्ध वाले इलाकों से होता है, तो इज़रायल इसका विरोध नहीं करेगा। लेकिन हम किसी पर भी उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ कुछ थोपेंगे नहीं और हमारा किसी को भी गाज़ा से डिपोर्ट करने का कोई प्लान नहीं है।”
क्या है इस बयान की वजह?
इज़रायली विदेश मंत्री का यह बयान हाल ही में इज़रायल के कुछ अन्य मंत्रियों और अधिकारियों की उन टिप्पणियों के बीच आया जिनमें गाज़ा से बड़े पैमाने पर आबादी को हटाने की वकालत की गई थी। कुछ इज़रायली मंत्रियों और अधिकारियों ने गाज़ा से फिलिस्तीनियों को हटाने की बात कही है। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसकी आलोचना की थी और कहा था कि ज़बरदस्ती फिलिस्तीनियों को गाज़ा से निकालना अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा।
इज़रायल-स्लोवेनिया संबंधों में सुधार का संकेत
स्लोवेनिया के ल्युब्लियाना में इज़रायल का दूतावास खोला गया है और इसी के उद्घाटन के दौरान इज़रायली विदेश मंत्री ने यह बयान दिया। यह दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार का संकेत है। स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री जेनेज़ जान्शा (Janez Janša) के कार्यकाल में उनकी सरकार ने इज़रायल के प्रति अपनी पहले की आलोचनात्मक नीतियों को बदल दिया है। ऐसे में सा’आर ने स्लोवेनिया को उसकी दोस्ती और ज़रूरत के समय इज़रायल के प्रति समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और नए दूतावास को द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक अहम कदम बताया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्लोवेनिया की पिछली सरकार गाज़ा में इज़रायल के सैन्य अभियान को लेकर यूरोपीय संघ में आलोचना करने वालों में शामिल थी।

