गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रमुख और संपर्क सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है। इस साल पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। पितृपक्ष मेला की तैयारियों के तहत गया के जिला पदाधिकारी (डीएम) शशांक शुभंकर सड़कों की स्थिति पर खास नजर रख रहे हैं। डीएम खुद अलग-अलग मुख्य रास्तों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वे सड़कों की हालत, मरम्मत कार्य की प्रगति और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। 10 दिन में सभी मुख्य सड़कें दुरुस्त करने का निर्देश डीएम ने पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े सभी इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि उनके क्षेत्र में आने वाली सभी सड़कों की मरम्मत और मजबूती का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने अगले 10 दिनों के भीतर सभी मुख्य और संपर्क सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है, ताकि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। NH-82 से जुड़ी सड़कों पर भी तेज हुआ काम राष्ट्रीय राजमार्ग-82 के कार्यपालक अभियंता ने गया जिले में आने वाले और शहर से जुड़ने वाले कई अहम रास्तों पर मरम्मत का काम तेज कर दिया है। इनमें निर्माणाधीन मुफस्सिल फ्लाईओवर की दोनों सर्विस लेन, जगजीवन कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क और पटवा टोली की ओर जाने वाली सड़क शामिल हैं। मुफस्सिल से मानपुर तक जरूरी रास्तों की मरम्मत इसके अलावा मुफस्सिल थाना से होते हुए प्रखंड कार्यालय और मानपुर जाने वाली सड़क समेत अन्य जरूरी रास्तों की भी मरम्मत की गई है। इन सड़कों के दुरुस्त होने से पितृपक्ष मेला के दौरान तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं और आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सकेगा। सड़कों की मरम्मत से जिले के मुख्य प्रवेश मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था को भी बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। सड़क से लेकर पेयजल और सफाई तक तैयारी जिला प्रशासन की ओर से पितृपक्ष मेला को ध्यान में रखते हुए सड़क, यातायात, साफ-सफाई, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेला शुरू होने से पहले सभी काम पूरे करने का लक्ष्य जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर लिया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि पितृपक्ष मेला के दौरान गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जिले की सीमा में प्रवेश करने से लेकर मेला क्षेत्र और प्रमुख पिंडवेदी स्थलों तक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराया जा सके। गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रमुख और संपर्क सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है। इस साल पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। पितृपक्ष मेला की तैयारियों के तहत गया के जिला पदाधिकारी (डीएम) शशांक शुभंकर सड़कों की स्थिति पर खास नजर रख रहे हैं। डीएम खुद अलग-अलग मुख्य रास्तों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वे सड़कों की हालत, मरम्मत कार्य की प्रगति और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। 10 दिन में सभी मुख्य सड़कें दुरुस्त करने का निर्देश डीएम ने पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े सभी इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि उनके क्षेत्र में आने वाली सभी सड़कों की मरम्मत और मजबूती का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने अगले 10 दिनों के भीतर सभी मुख्य और संपर्क सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है, ताकि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। NH-82 से जुड़ी सड़कों पर भी तेज हुआ काम राष्ट्रीय राजमार्ग-82 के कार्यपालक अभियंता ने गया जिले में आने वाले और शहर से जुड़ने वाले कई अहम रास्तों पर मरम्मत का काम तेज कर दिया है। इनमें निर्माणाधीन मुफस्सिल फ्लाईओवर की दोनों सर्विस लेन, जगजीवन कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क और पटवा टोली की ओर जाने वाली सड़क शामिल हैं। मुफस्सिल से मानपुर तक जरूरी रास्तों की मरम्मत इसके अलावा मुफस्सिल थाना से होते हुए प्रखंड कार्यालय और मानपुर जाने वाली सड़क समेत अन्य जरूरी रास्तों की भी मरम्मत की गई है। इन सड़कों के दुरुस्त होने से पितृपक्ष मेला के दौरान तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं और आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सकेगा। सड़कों की मरम्मत से जिले के मुख्य प्रवेश मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था को भी बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। सड़क से लेकर पेयजल और सफाई तक तैयारी जिला प्रशासन की ओर से पितृपक्ष मेला को ध्यान में रखते हुए सड़क, यातायात, साफ-सफाई, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेला शुरू होने से पहले सभी काम पूरे करने का लक्ष्य जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर लिया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि पितृपक्ष मेला के दौरान गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जिले की सीमा में प्रवेश करने से लेकर मेला क्षेत्र और प्रमुख पिंडवेदी स्थलों तक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराया जा सके।

