मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर की रिचेकिंग और द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में देरी को लेकर आज कुलाधिपति को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोनों परिणाम जल्द जारी कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परिणाम अटकने से आगे की पढ़ाई और दूसरे जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। छात्रों के मुताबिक, प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद उन्होंने नियम के तहत रिचेकिंग के लिए आवेदन किया था। करीब दो महीने बीतने के बावजूद इसका परिणाम नहीं आया है। वहीं, द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं खत्म हुए करीब तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक परिणाम जारी नहीं किया गया है। रिचेकिंग का परिणाम नहीं आने से बढ़ी चिंता छात्रों ने बताया कि प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में गलत मूल्यांकन से कई विद्यार्थियों के अंक प्रभावित हुए थे। इसी के बाद रिचेकिंग के लिए आवेदन किया गया, लेकिन अब तक संशोधित परिणाम नहीं मिला। छात्रों का कहना है कि इससे उन्हें अपने शैक्षणिक भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि रिचेकिंग का परिणाम तत्काल घोषित किया जाए। जिन छात्रों के मूल्यांकन में गलती पाई गई है, उन्हें नियमानुसार राहत दी जाए। जरूरत पड़ने पर ऐसे विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का मौका देने की भी मांग की गई है, ताकि उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। पढ़ाई और छात्रवृत्ति के आवेदन में भी परेशानी द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम जारी नहीं होने से छात्रों के सामने अलग तरह की दिक्कतें हैं। उनका कहना है कि परिणाम नहीं आने के कारण आगे की पढ़ाई, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने में परेशानी हो रही है। इससे उनका शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने बताया कि वे कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने यह समस्या उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से उन्होंने कुलाधिपति से हस्तक्षेप कर जल्द परिणाम जारी कराने की मांग की है। तीसरे सेमेस्टर के रजिस्ट्रेशन के लिए मांगा पर्याप्त समय छात्रों ने तीसरे सेमेस्टर के नामांकन और रजिस्ट्रेशन के लिए पर्याप्त समय देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर की लंबित प्रक्रिया पूरी होने तक छात्रों को तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही भविष्य में परीक्षाओं और परिणामों के लिए निश्चित शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने की मांग की गई, ताकि समय पर परीक्षा और रिजल्ट जारी हों और छात्रों को ऐसी परेशानी दोबारा न झेलनी पड़े।

