गोपालगंज में राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत ‘पोषण माह’ की शुरुआत की गई। जिला समाहरणालय परिसर से जिलाधिकारी समीर सौरभ ने पोषण रथ और आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बच्चों, गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और किशोरियों के पोषण स्तर में सुधार लाने पर जोर दिया गया। साथ ही, समुदाय के स्वास्थ्य व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। पोषण माह का मुख्य विषय ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखा गया है। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पांच मुख्य बातों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सही पोषण और अनुकूल माहौल देने पर फोकस इनमें कुपोषण दूर करने के लिए रोज के खाने में विविधता और प्रोटीन वाले स्थानीय खाद्य पदार्थों को शामिल करना शामिल है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को नियमित रूप से अच्छी क्वालिटी का और पौष्टिक गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पोषण योजनाओं के सफल संचालन में स्थानीय समाज और जन-प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी तय की जाएगी। शुरुआती सालों में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सही पोषण और अनुकूल माहौल देने पर भी ध्यान दिया जाएगा। सेंट्रल लेवल पर हुई लाइव वेबकास्टिंग गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को बेहतर स्वास्थ्य व पोषण के लिए सीधे नकद आर्थिक मदद पहुंचाई जाएगी। पूरे महीने जिला, परियोजना और आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर कई तरह की जागरूकता गतिविधियां होंगी। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे सभी जुड़े विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। केंद्रीय स्तर पर हुई लाइव वेबकास्टिंग में भी जिले ने उत्साह से हिस्सा लिया, ताकि पोषण अभियान का संदेश सब तक पहुंचाया जा सके। गोपालगंज में राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत ‘पोषण माह’ की शुरुआत की गई। जिला समाहरणालय परिसर से जिलाधिकारी समीर सौरभ ने पोषण रथ और आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बच्चों, गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और किशोरियों के पोषण स्तर में सुधार लाने पर जोर दिया गया। साथ ही, समुदाय के स्वास्थ्य व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। पोषण माह का मुख्य विषय ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखा गया है। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पांच मुख्य बातों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सही पोषण और अनुकूल माहौल देने पर फोकस इनमें कुपोषण दूर करने के लिए रोज के खाने में विविधता और प्रोटीन वाले स्थानीय खाद्य पदार्थों को शामिल करना शामिल है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को नियमित रूप से अच्छी क्वालिटी का और पौष्टिक गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पोषण योजनाओं के सफल संचालन में स्थानीय समाज और जन-प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी तय की जाएगी। शुरुआती सालों में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सही पोषण और अनुकूल माहौल देने पर भी ध्यान दिया जाएगा। सेंट्रल लेवल पर हुई लाइव वेबकास्टिंग गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को बेहतर स्वास्थ्य व पोषण के लिए सीधे नकद आर्थिक मदद पहुंचाई जाएगी। पूरे महीने जिला, परियोजना और आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर कई तरह की जागरूकता गतिविधियां होंगी। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे सभी जुड़े विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। केंद्रीय स्तर पर हुई लाइव वेबकास्टिंग में भी जिले ने उत्साह से हिस्सा लिया, ताकि पोषण अभियान का संदेश सब तक पहुंचाया जा सके।

