‘शर्त मंजूर तो ही साथ संभव’: दोनों NCP के एक होने पर रोहित पवार का बड़ा बयान, वित्त मंत्रालय के बहाने कसा तंज

‘शर्त मंजूर तो ही साथ संभव’: दोनों NCP के एक होने पर रोहित पवार का बड़ा बयान, वित्त मंत्रालय के बहाने कसा तंज

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद से ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें जारी हैं। इस बीच अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। गोंदिया जिले के तिरोडा में आयोजित ‘जनआक्रोश मोर्चा’ के दौरान उन्होंने दोनों एनसीपी धड़ों के एक साथ आने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि दोनों गुटों के एक होने की अभी कोई संभावना नहीं है, लेकिन एक स्थिति में ऐसा हो सकता है।

गोंदिया के तिरोड़ा में जनआक्रोश मोर्चा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की ओर से किसानों की कर्जमाफी, महंगाई और स्मार्ट मीटर जैसे मुद्दों को लेकर गोंदिया जिले के तिरोडा में जनआक्रोश मोर्चा आयोजित किया गया था। इस मोर्चे में शामिल होने के लिए शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उनसे एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि दोनों राष्ट्रवादी फिलहाल एक साथ नहीं आने वाले हैं। हालांकि उन्होंने विलय के लिए एक शर्त भी सामने रखी।

‘भाजपा का साथ छोड़ने पर…’

वरिष्ठ नेता शरद पवार के पोते रोहित पवार ने अजित पवार गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने एक साथ आकर पार्टी पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की थी और इसके सबूत उन्होंने पहले ही दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को दोबारा चर्चा में लाने का कोई फायदा नहीं है। रोहित पवार ने कहा, “हमारा दल और उनका दल तभी एक साथ आ सकता है, जब वे भाजपा का साथ छोड़ने के बारे में सोचें।”

इस बयान के बाद एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के भविष्य और संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

‘कितने दिन चर्चा करेंगे?’

रोहित पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों एनसीपी गुटों के विलय को लेकर फिलहाल कहीं कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आखिर कितने दिन तक चर्चा की जाएगी? इसके साथ ही उन्होंने अजित पवार गुट पर वित्त मंत्रालय को लेकर भी निशाना साधा। रोहित पवार ने दावा किया कि वित्त विभाग अजित पवार के पास रहे, इसके लिए कई बार मुख्यमंत्री के साथ बैठकें हुईं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी बैठकें की गईं।

कर्जत से विधायक पवार ने कहा कि कद्दावर नेता अजित पवार ने जिस वित्त विभाग को अपने पास रखने के लिए जोर दिया था, वह विभाग अभी भी भाजपा की ओर से उन्हें नहीं दिया जा रहा है। रोहित पवार ने इसी मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ महायुति में शामिल उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार नीत एनसीपी गुट की स्थिति पर सवाल उठाया।

‘अपने ही सहयोगियों के सामने नहीं चल रही’

रोहित पवार ने कहा कि यदि अपने ही सहयोगी दल के सामने किसी की नहीं चल रही है तो यह राजनीतिक स्थिति को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी है और उनकी पार्टी भी जनता के साथ खड़ी रहकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।

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