Rahul Gandhi ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना, Harpal Cheema के इस्तीफे की मांग

Rahul Gandhi ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना, Harpal Cheema के इस्तीफे की मांग

नयी दिल्ली, नौ सितंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर एक ग्रामीण की कथित आत्महत्या को लेकर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत वित्त मंत्री हरपाल चीमा का इस्तीफा लेने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस ग्रामीण ने राज्य में लगातार जारी नशीली दवाओं की आपूर्ति को लेकर मंत्री हरपाल चीमा से सवाल किया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत एक ‘‘खतरनाक प्रवृत्ति’’ पैदा हो रही है कि यदि कोई सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाता है, तो उसे जवाब के तौर पर धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।

संगरूर जिले के दिरबा के रहने वाले दलित गुलजार सिंह (47) की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने के बाद मौत हो गई। उनके परिवार के मुताबिक, उन्होंने छह सितंबर को दिरबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चीमा से इलाके में नशीले पदार्थों की लगातार हो रही आपूर्ति को लेकर सवाल किया था। गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब की ‘आप’ सरकार के तहत एक खतरनाक प्रवृत्ति उभर रही है- सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और प्रताड़ना से मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देखने वाले, दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह जी ने वित्त मंत्री से सिर्फ इतना पूछा कि सरकार नशीले पदार्थ का कारोबार रोकने में इतनी बुरी तरह नाकाम क्यों है?

बस इस बात पर उन्हें इतना प्रताड़ित और अपमानित किया गया, माफी मांगने के लिए इतना दबाव बनाया गया कि उन्होंने जहर खा लिया।’’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते हुए इलाज के अभाव में आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गए। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले हफ्ते मैंने एक युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन करने पर प्रताड़ित किया गया।’’
उन्होंने कहा कि सरकार का काम जनता को जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को ‘‘कुचलना’’ नहीं। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘गुलजार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले।

मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें और सुनिश्चित करें कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो जिसकी प्राथमिकी में उनका नाम दर्ज किया जाए।’’
कांग्रेस ने मंगलवार को भी चीमा को बर्खास्त करने की मांग की थी और कहा था कि गुलजार सिंह की मौत के लिए वह जिम्मेदार हैं। पंजाब में मादक पदार्थों का संकट राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। राज्य में ‘चिट्टा’ की लगातार हो रही आपूर्ति को लेकर चीमा से सवाल पूछने वाले गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

एक प्राथमिकी के अनुसार, गुलजार सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर गुलजार के आखिरी पलों का एक कथित वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने वाले सिंह राज्य के वित्त मंत्री से अपने इलाके में नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। वह यह भी कहते सुने जा सकते हैं कि उनकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा और यह स्वीकार करते हैं कि उनका बेटा भी नशे का सेवन करता था।

भावुक कर देने वाला यह वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) समेत विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को घेरते हुए मामले की जांच की मांग की। इसका असर दिल्ली की राजनीति में भी देखने को मिला, जहां भाजपा और कांग्रेस ने भगवंत मान और हरपाल चीमा के इस्तीफे की मांग की। दोनों दलों ने आरोप लगाया कि सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।

राज्य में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य सरकार पर संगरूर के ही एक अन्य ग्रामीण को कथित तौर पर हिरासत में प्रताड़ित करने के आरोपों को लेकर भी हमला बोला जा रहा है। आरोप है कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग के मुद्दे पर ‘आप’ सरकार के खिलाफ काले झंडे लहराने और नारे लगाने के कारण उसे हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया।

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