लखनऊ में मॉल एवेन्यू स्थित दरगाह ख्वाजा मोहम्मद नबी रजा शाह उर्फ दादा मियां के 5 रोजा उर्स का समापन हो गया । 4 सितंबर से लेकर 8 सितंबर तक उर्स मनाया गया। उर्स के अंतिम दिन देर रात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय दरगाह पर पहुंचे और चादर चढ़ाई। इस दौरान उनके साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। चादर चढ़ाने के बाद अजय राय ने कहा हजरत ख्वाजा मोहम्मद नबी रजा शाह की दरगाह पर आना सौभाग्य की बात है । विशेष रूप से उर्स के अवसर पर पहुंच कर चादर चढ़ाना । दरगाह से हमेशा भाईचारे का संदेश दिया जाता है। हमारे सूफी-संतों ने गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखा है। विभिन्न धर्मों के लोग आते हैं और बाबा से दुआ मांगते हैं। हमारे देश की यही परंपरा है कि सभी धर्म के लोगों को अपने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काम करने की आजादी है। 5 दिनों तक चलता है उर्स का कार्यक्रम दरगाह के सज्जादानशीन सबाहत हसन शाह ने बताया कि उर्स के 5 दिनों तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । इस दौरान कुरान ख्वानी, मीलाद शरीफ, महफिले समा, आलमी सेमिनार, मुशायरा और कव्वाली का कार्यक्रम हुआ। परंपरागत तरीके से सरकारी चादर चढ़ाई गई । दरगाह पर आने वाले हजारों लोगों ने लंगर (भण्डारा) चखा। साल भर बंटता है लंगर सबाहत हसन शाह ने बताया कि ये 119 वां उर्स था। इस दरगाह पर आने वाले अकीदत मंद कई पीढ़ियों से यहाँ आ रहे हैं। हमारे बुजुर्ग दादा मियां ने हमेशा भाईचारे का संदेश दिया है। सूफी संत शांति का संदेश लेकर आए। दरगाह को एकता का केंद्र कहा जाता है। यहाँ गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल मिलती है, सर्व धर्म सद्भावना का सटीक उदहारण है। दादा मियां ने अपने मानने वालों को हमेशा भूखे, बीमार और बेसहारा की मदद करने का संदेश दिया। यही कारण है कि दरगाह पर साल के 365 दिन लंगर बंटता है।

