हत्या के आरोपी नकुल को कोर्ट ने किया बरी:सबूत नहीं मिलने का मिला लाभ; झूठी गवाही पर 3 के खिलाफ केस के आदेश

हत्या के आरोपी नकुल को कोर्ट ने किया बरी:सबूत नहीं मिलने का मिला लाभ; झूठी गवाही पर 3 के खिलाफ केस के आदेश

बिजनौर esa अपर जिला जज प्रशांत मित्तल की कोर्ट ने हत्या के एक मामले में आरोपी नकुल को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने मामले में गवाहों के बयानों को विरोधाभासी और मिथ्या पाया। इसके साथ ही झूठी गवाही देने के मामले में मृतक की पत्नी चंचल, सुरेंद्र पाल त्यागी और मृतक के भाई प्रकांत कुमार के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। गन्ने के खेत में मिला था शव मामला 27 अक्टूबर 2018 का है। सिसौना गांव, थाना हीमपुर निवासी प्रकांत कुमार ने अपने भाई विपिन कुमार की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि विपिन शराब पीने का आदी था और बिना बताए घर से चला गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। 29 अक्टूबर को प्रकांत ने पुलिस को सूचना दी कि नारनौर के जंगल में गन्ने के खेत में एक शव पड़ा है। गांव वालों के साथ मौके पर पहुंचने पर उन्होंने शव की पहचान अपने भाई विपिन के रूप में की। शव करीब दो-तीन दिन पुराना बताया गया था। पत्नी ने नकुल पर लगाया था हत्या का आरोप मृतक की पत्नी चंचल ने 30 अक्टूबर को हीमपुर थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 26 अक्टूबर को वह, उनके पति विपिन और गांव के सुरेंद्र त्यागी बैठे थे। इसी दौरान सुरेश सिंह का बेटा नकुल एक अज्ञात व्यक्ति के साथ वहां आया और विपिन को अपने साथ ले गया। आरोप था कि इसके बाद दोनों ने विपिन की गोली मारकर हत्या कर दी। चंचल ने यह भी आरोप लगाया था कि नकुल ने विपिन से दो बीघा जमीन खरीदी थी और बाकी जमीन ठेके पर ले रखी थी। आरोप के मुताबिक, नकुल लगातार विपिन पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। जमीन बेचने से इनकार करने पर हत्या किए जाने की बात कही गई थी। पुलिस ने मामले में नकुल को गिरफ्तार किया था। पोस्टमार्टम में मिला था गोली का घाव मामले की सुनवाई के दौरान चंचल, निर्मला, सुरेंद्र पाल, प्रकांत कुमार, चंद्रशेखर, हेड कांस्टेबल राजेंद्र शर्मा, डॉ. राजकुमार, सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक सुधीर कुमार, उपनिरीक्षक रमेश चंद्र, निरीक्षक कांता प्रसाद शर्मा और सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक तेजवीर सिंह समेत गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विपिन के शरीर पर गोली लगने का घाव पाया गया था। गवाह आरोप साबित नहीं कर सके कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह घटना में आरोपी नकुल की भूमिका को साबित करने में सफल नहीं हो सके। गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी नकुल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। तीन गवाहों के खिलाफ केस के आदेश न्यायाधीश प्रशांत मित्तल ने मामले में विरोधाभासी और मिथ्या बयान देने पर मृतक की पत्नी चंचल, सुरेंद्र पाल त्यागी और मृतक के भाई प्रकांत कुमार के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद हत्या के मामले में आरोपी नकुल को राहत मिली है।

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