मुजफ्फरपुर में खाली मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के बदमाश चोरी के पैसों से स्कूटी और कैमरा खरीदकर घूमते थे। रील बनाने के भी शौकीन थे। गिरोह के मास्टरमाइंड देवलाल सहनी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कट्टा, चार कारतूस, बाइक, स्कूटी, सोने के आभूषण और वीडियो कैमरा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सोना खरीदने और उसे गलाकर आगे बेचने वाले दो दुकानदारों को भी पकड़ा गया है। पहले देखते थे कौन सा मकान खाली है, फिर करते थे चोरी पुलिस के अनुसार, गिरोह का तरीका काफी व्यवस्थित था। बदमाश पहले इलाके में घूमकर ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिनके खाली रहने की जानकारी उन्हें मिल जाती थी। मकान के खाली होने की पुष्टि के बाद मौका देखकर वहां चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। लगातार एक के बाद एक चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा। उससे पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंची।
एक गिरफ्तारी से खुलती गई पूरी कड़ी पुलिस के अनुसार, शुरुआती गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर देवलाल सहनी, कैलाश कुमार और विक्रम कुमार उर्फ बल्लू को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान चोरी के सामान को ठिकाने लगाने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कन्दन कुमार साह और विक्की कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों दुकानदार चोरी का सोना खरीदते थे और बाद में उसे गलाकर बेचने का काम करते थे। तिरहुत नहर के पास बड़ी वारदात की तैयारी में थे ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने पीसी में बताया कि 7 सितंबर को मुरौल ओपी को सूचना मिली थी कि मोहम्मदपुर स्थित तिरहुत नहर के पास कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 3 आरोपियों को हथियार के साथ पकड़ा गया। इनके पास से एक देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद हुई।
मास्टरमाइंड देवलाल का लंबा आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, देवलाल सहनी गिरोह का मास्टरमाइंड है और उसका पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लूट, चोरी, चोरी के सामान से जुड़े मामले और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं, कैलाश कुमार के खिलाफ भी मुशहरी थाना में चोरी, मद्यनिषेध कानून समेत कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सोने के जेवर समेत कई सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने के चार कान के झुमके/टॉप, एक नाक की नथिया, दो बेसरी और एक सोने का हनुमानी बरामद किया है। इसके अलावा एक वीडियो कैमरा, स्कूटी और अन्य वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान का संबंध मुरौल ओपी (सकरा थाना) में दर्ज कांड संख्या 488/26 और 508/26 और मुशहरी थाना क्षेत्र के चोरी के मामलों से जुड़ रहा है।
पुलिस खंगाल रही गिरोह का पूरा नेटवर्क मामले में मुरौल ओपी (सकरा थाना) में कांड संख्या 533/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह की अन्य वारदातों और इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। ग्रामीण एसपी ने बताया कि चोरी की घटनाओं पर पुलिस लगातार सक्रिय थी। इसी कार्रवाई के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और पूछताछ के बाद चोरी करने से लेकर चोरी का सामान खपाने तक के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। मुजफ्फरपुर में खाली मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के बदमाश चोरी के पैसों से स्कूटी और कैमरा खरीदकर घूमते थे। रील बनाने के भी शौकीन थे। गिरोह के मास्टरमाइंड देवलाल सहनी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कट्टा, चार कारतूस, बाइक, स्कूटी, सोने के आभूषण और वीडियो कैमरा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सोना खरीदने और उसे गलाकर आगे बेचने वाले दो दुकानदारों को भी पकड़ा गया है। पहले देखते थे कौन सा मकान खाली है, फिर करते थे चोरी पुलिस के अनुसार, गिरोह का तरीका काफी व्यवस्थित था। बदमाश पहले इलाके में घूमकर ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिनके खाली रहने की जानकारी उन्हें मिल जाती थी। मकान के खाली होने की पुष्टि के बाद मौका देखकर वहां चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। लगातार एक के बाद एक चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा। उससे पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंची।
एक गिरफ्तारी से खुलती गई पूरी कड़ी पुलिस के अनुसार, शुरुआती गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर देवलाल सहनी, कैलाश कुमार और विक्रम कुमार उर्फ बल्लू को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान चोरी के सामान को ठिकाने लगाने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कन्दन कुमार साह और विक्की कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों दुकानदार चोरी का सोना खरीदते थे और बाद में उसे गलाकर बेचने का काम करते थे। तिरहुत नहर के पास बड़ी वारदात की तैयारी में थे ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने पीसी में बताया कि 7 सितंबर को मुरौल ओपी को सूचना मिली थी कि मोहम्मदपुर स्थित तिरहुत नहर के पास कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 3 आरोपियों को हथियार के साथ पकड़ा गया। इनके पास से एक देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद हुई।
मास्टरमाइंड देवलाल का लंबा आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, देवलाल सहनी गिरोह का मास्टरमाइंड है और उसका पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लूट, चोरी, चोरी के सामान से जुड़े मामले और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं, कैलाश कुमार के खिलाफ भी मुशहरी थाना में चोरी, मद्यनिषेध कानून समेत कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सोने के जेवर समेत कई सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने के चार कान के झुमके/टॉप, एक नाक की नथिया, दो बेसरी और एक सोने का हनुमानी बरामद किया है। इसके अलावा एक वीडियो कैमरा, स्कूटी और अन्य वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान का संबंध मुरौल ओपी (सकरा थाना) में दर्ज कांड संख्या 488/26 और 508/26 और मुशहरी थाना क्षेत्र के चोरी के मामलों से जुड़ रहा है।
पुलिस खंगाल रही गिरोह का पूरा नेटवर्क मामले में मुरौल ओपी (सकरा थाना) में कांड संख्या 533/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह की अन्य वारदातों और इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। ग्रामीण एसपी ने बताया कि चोरी की घटनाओं पर पुलिस लगातार सक्रिय थी। इसी कार्रवाई के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और पूछताछ के बाद चोरी करने से लेकर चोरी का सामान खपाने तक के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

