इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र में प्लॉट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने महेंद्र सिंह और संतोष राजपूत पर आरोप लगाया है कि उन्होंने प्लॉट दिलाने के नाम पर उसकी कुल 8.25 लाख रुपए की दो डीडी अपने पास रख लीं। शिकायतकर्ता को आशंका है कि आरोपी डीडी के जरिए रकम क्लियर कराकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, एई स्कीम नंबर 74C, विजय नगर निवासी विवेक काकरेचा ने शिकायत में बताया कि प्लॉट दिलाने के नाम पर महेंद्र सिंह और संतोष राजपूत ने उसके साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने 5.25 लाख रुपए और 3 लाख रुपए की दो डीडी, यानी कुल 8.25 लाख रुपए की डीडी अपने पास रख लीं। विज्ञापन देखकर पहुंचे थे ऑफिस पुलिस के मुताबिक, विवेक काकरेचा ने बताया कि उन्हें प्लॉट खरीदना था, इसलिए वह ऑनलाइन सर्च कर रहे थे। इस दौरान उनका संपर्क EDELWEISS फाइनेंस कंपनी से हुआ। कंपनी का ऑफिस शुगन टॉवर में बताया गया था। 18 अगस्त को वह वहां पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात महेंद्र सिंह और संतोष राजपूत से हुई। वहीं तीसरे व्यक्ति आदित्य कुमार ने खुद को कंपनी का रीजनल अधिकारी बताया और प्लॉट के संबंध में जानकारी दी। आरोप है कि उन्होंने लुनावत कॉसमॉस कंपनी, महू में प्लॉट नंबर 227-B और AB-205 सस्ते में दिलाने की बात कही। विश्वास में लेने के लिए दोनों प्लॉट के अलॉटमेंट लेटर भी दिए गए। इनमें एक प्लॉट की कीमत 17.25 लाख रुपए और दूसरे की 9.98 लाख रुपए बताई गई। इसके बाद विवेक ने दोनों आरोपियों को दो डीडी बनाकर दे दीं। कंपनी से मिली फर्जी ऑफिस की जानकारी
विवेक ने इसके बाद दोनों से संपर्क कर प्लॉट दिखाने की बात की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कंपनी की वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल किया। वहां से जानकारी मिली कि बताए गए पते पर कंपनी का कोई ऑफिस ही नहीं है। इसके बाद विवेक ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी और बाद में पुलिस से शिकायत की। शिकायतकर्ता को आशंका है कि आरोपियों ने प्लॉट दिलाने के नाम पर डीडी अपने पास रख लीं और रकम क्लियर कराने के बाद फरार हो सकते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

