सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मांझा इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सोमवार शाम नदी का जलस्तर 85.58 मीटर था। मंगलवार सुबह इसमें नौ सेंटीमीटर की और बढ़ोतरी हुई। नदी अब खतरे के निशान 85.56 मीटर से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा इलाके के चार गांवों के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कम्हरिया घाट के किनारे बनी धर्मशाला में भी पानी घुस गया है। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में पानी भरने से धान की फसल डूबने लगी है। गन्ने के खेतों में भी पानी भर रहा है। 30 गोताखोरों को तैनात किया गया आराजी देवारा के हंसू का पूरा गांव के लोगों ने बताया कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा, तो मांझा इलाके में हालात गंभीर हो सकते हैं। बाढ़ की आशंका को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बरोही पांडेय का पूरा में बने बाढ़ शरणालय को चालू कर दिया है। आलापुर तहसील इलाके में बनी आठ बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय किया गया है। मांझा इलाके में चार सरकारी और सात निजी नावें लगाई गई हैं। इसके साथ ही 30 गोताखोरों को भी तैनात किया गया है। राजस्व टीमों को बाढ़ से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों की निगरानी में लगाया गया है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

