हनुमान अंश के दृष्टिहीन सिंगर सुनील लोधी ने लता मंगेशकर के गाने सुनकर सीखा संगीत! लोकल ट्रेन में बजाते थे तानपुरा

हनुमान अंश के दृष्टिहीन सिंगर सुनील लोधी ने लता मंगेशकर के गाने सुनकर सीखा संगीत! लोकल ट्रेन में बजाते थे तानपुरा

Hanuman Ansh Singer Suneel Lodhi: फिल्म ‘हनुमान अंश’ रिलीज के 1 महीने बाद भी नया इतिहास रच रही है। फिल्म की शुरुआत बेहद खराब हुई थी, लेकिन अचानक 2 हफ्ते बाद ऐसा चमत्कार हुआ की मेकर्स भी हैरान रह गए। फिल्म ने बड़ी-बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। वहीं, फिल्म की कहानी से लेकर इसका हर एक गाना लोगों को बेहद पसंद आ रहा है, इसमें ऐसे गाने भी है जिसके सिंगर देख नहीं सकते और आज उनकी आवाज देशभर के सिनेमाघरों में गूंज रही है वो हैं ‘मैंने तेरे ही भरोसे, सागर में नैया डाल दई’ सिंगर सुनील लोधी। जो एक समय पर ट्रेन में तानपुरा बजाते थे और उन्होंने लता मंगेशकर के गाने सुनकर संगीत सीखा।  

हनुमान अंश के सिंगर ने लता मंगेशकर के गानों से सीखा संगीत

‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, सुनील लोधी जन्म से दृष्टिबाधित और बेहद साधारण परिवार से हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और सुरों के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसकी कभी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। वहीं, उन्होंने कभी किसी औपचारिक संगीत विद्यालय या गुरु से गायकी की शिक्षा तक नही ली। बचपन से ही हाथ में तानपुरा थामे सुनील ने सुरों की बारीकियां भारत रत्न लता मंगेशकर के कालजयी गीतों को सुनकर और अपने गांव की भक्ति सभाओं व कीर्तनों में गाकर सीखीं है। अब सुनील के पास बॉलीवुड फिल्मों से भी ऑफर आ रहे हैं।

सुनील गांव और ट्रेन में बजाते थे तानपुरा

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के आने से काफी पहले ही सुनील अपने गांव और आसपास के इलाकों में बुंदेली लोकगीत और पारंपरिक भजन गाया करते थे। बाद में सोशल मीडिया पेज ‘बुंदेली दुनिया’ के जरिए उनके गानों को पहचान मिलने लगी। उनके एक बुंदेली गीत ‘दुला बन के आ गई’ को लाखों व्यूज मिले थे, लेकिन हनुमान जी के पारंपरिक भजन ‘मोरे संकट के कटैया’ ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। इस भजन को इंटरनेट पर 29 मिलियन (2.9 करोड़) से ज्यादा लोगों ने देखा और सुना।

कैसे मुंबई पहुंचे दृष्टिहीन सिंगर सुनील लोधी?

सुनील के भजन ‘मोरे संकट के कटैया’ की सादगी और बिना किसी भारी आर्केस्ट्रा के केवल तानपुरा पर गाई गई उनकी सच्ची आवाज ने फिल्म व संगीत निर्माता पंकज वीआरके का ध्यान अपनी ओर खींचा था। काफी खोजबीन और मशक्कत के बाद पंकज ने सुनील लोधी से संपर्क साधा और फिर सुनील पहले इंदौर और बाद में सपनों की नगरी मुंबई आए थे।

मुंबई के साईं बाबा स्टूडियो में सुनील ने तानपुरा की धुन पर लगभग आठ गाने रिकॉर्ड किए थे। 25 साल के सुनील ने बताया कि रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया बेहद सरल थी, लेकिन उस समय उन्हें यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी आवाज का इस्तेमाल किसी बड़ी फिल्म में होने जा रहा है।

2 करोड़ी ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस धमाका

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी और नीम करोली बाबा के जीवन व आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर परचम लहरा दिया है और इसका ग्रॉस कलेक्शन 152 करोड़ पहुंच गया है और अभी भी फिल्म शानदार कमाई कर रही है जिससे इसका कलेक्शन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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