रामगढ़ की चूटूपालू घाटी एक बार फिर बड़े हादसे से दहल उठी। रांची से हजारीबाग जा रहा सरिया लदा ट्रेलर ब्रेक फेल होने के बाद अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे स्थित गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर में सवार ड्राइवर और खलासी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घाटी में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। NHAI की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। गहरे गड्ढे में ट्रेलर के गिरने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी परेशानी आ रही है। ट्रेलर को बाहर निकालने के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है। दो दिन पहले डीएसपी की मौसी की गई थी जान चूटूपालू घाटी में लगातार हो रहे हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था और सड़क पर सफर करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार का हादसा यहां लगातार चौथा बड़ा हादसा बताया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से घाटी में एक के बाद एक दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। महज दो दिन पहले ही रामगढ़ के डीएसपी का परिवार रांची से रामगढ़ आ रहा था। इसी दौरान घाटी में हुए हादसे में डीएसपी की मौसी की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे। इससे पहले भी एक वकील की सड़क दुर्घटना में जान चली गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण चूटूपालू घाटी में आवाजाही करने वाले लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोग भी लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर चिंतित हैं और घाटी में यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गहरे गड्ढे में दबे हैं दोनों शव हादसे के बाद ट्रेलर के गहरे गड्ढे में गिरने से रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती वाहन को बाहर निकालने की है। ड्राइवर और खलासी अभी भी ट्रेलर के अंदर दबे हुए हैं। दोनों की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। पुलिस ट्रेलर पर लिखे मोबाइल नंबर के जरिए वाहन मालिक से संपर्क करने का प्रयास कर रही है, लेकिन मालिक फोन नहीं उठा रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने मृतकों की पहचान करना भी चुनौती बना हुआ है। रामगढ़ पुलिस और NHAI की टीम भारी मशक्कत के साथ ट्रेलर को गड्ढे से बाहर निकालने में जुटी है। हादसे के कारणों में शुरुआती तौर पर ट्रेलर का ब्रेक फेल होना सामने आया है।

