बलिया शहर के निचले इलाके में रहने वाली रेणु देवी गुप्ता इन दिनों दोहरी परेशानी से जूझ रही हैं। एक तरफ बाढ़ का पानी उनके घर में घुसा हुआ है, दूसरी तरफ उनकी बच्ची की तबीयत खराब होने के कारण वह जिला अस्पताल में भर्ती है। बच्ची के इलाज के लिए उसके पिता अस्पताल में हैं, जबकि रेणु को घर और अस्पताल दोनों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। रेणु ने बताया कि उन्हें नाव के सहारे घर जाना पड़ता है। वहां खाना बनाकर अस्पताल लाती हैं और फिर बच्ची के पास लौट जाती हैं। कभी घर पर खाना बनाती हैं तो कभी बाजार से खाना खरीदकर काम चलाना पड़ता है। उनका कहना है कि बाढ़ की समस्या अभी भी बनी हुई है, हालांकि पानी में कुछ कमी आई है। सरकार की ओर से नाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसके बावजूद रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो रहा है। रेणु की परेशानी अकेली नहीं है। बलिया शहर के निहोरा नगर, कृष्णा नगर, बेदुआ, यारपुर, महावीर घाट और गायत्री नगर समेत कई निचले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों के गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा है। लोग घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। कई जगह छत से बांस की सीढ़ी लगाकर लोग सीधे नाव पर उतरकर आवागमन कर रहे हैं। बिजली गुल, घरों में घुसा पानी महावीर घाट निवासी रवि कुमार ने बताया कि गंगा का पानी आने से इलाके में काफी परेशानी है। बिजली कटी हुई है और कीड़े-मकोड़े भी घरों में आ रहे हैं। गर्मी और मच्छरों के कारण रात में सोना मुश्किल हो गया है। सरकार की ओर से नाव उपलब्ध कराई गई है, लेकिन इससे भी आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। गंगा का जलस्तर दो मीटर ऊपर बाढ़ के बीच गंगा नदी के जलस्तर में लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी घटाव दर्ज किया गया। गायघाट गेज पर सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 59.54 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरा बिंदु 57.615 मीटर से करीब दो मीटर ऊपर है। वहीं सरयू नदी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है। चांदपुर गेज पर सरयू का जलस्तर 59.18 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरा बिंदु 58 मीटर से 1.18 मीटर ऊपर है। सदर तहसील के मुड़ाडीह, जवही दियर, उपरपुर दियर, उमरपुर नौबरार, इच्छा चौबे का पुरा, बघऊच, शिवपुर दियर, प्रानपुर, भरसौता, पिपरा खुर्द, हृदय चक, दुबहड़, बेलहरी, शाहपुर बभनौली, मझरिया कोट, माल्देपुर, सुल्तानपुर, हल्दी और मुर्की समेत कई गांव प्रभावित हैं। नगर पालिका क्षेत्र के वजीरापुर, गायत्री नगर, कृष्णा नगर, बेदुआ, निहोरा नगर, यारपुर, हीरपुर, बनकटा, कंसपुर, चन्दनूपुर, नेवरी ता. जमुआ और नेउरी ता. बिगही मोहल्लों में भी पानी पहुंचा है। बैरिया और बांसडीह में भी बाढ़ का असर बैरिया तहसील में सरयू नदी से गोपालनगर, झरकटहां, नवका गांव, वशिष्ठ नगर शिवाल और चांददियर प्रभावित हैं। गंगा के पानी से रामपुर कोडहरा, शिवपुर कपूर दियर, नौरंगा, भगवानपुर, भुवालछपरा, गोपालपुर के मजरा उदयी छपरा, दूबेछपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला और सुघर छपरा के मजरा केहरपुर प्रभावित हुए हैं। चांददियर के आबादी क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी पहुंचा है। बांसडीह तहसील में भोजपुरवा, सुल्तानपुर, कमालपुर, चांदपुर, कोलकला, चितबिसांव कला, चितबिसांव खुर्द, रेगहां, कचनार, किर्तुपुर, पर्वतपुर, सारंगपुर, दियरा गभीरार, दियरा भांगर, रामपुर नम्बरी और चकविलियम गांव सरयू की बाढ़ से प्रभावित हैं। राशन किट, भोजन और दवाइयों का वितरण प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राशन किट, भोजन पैकेट और दवाइयों का वितरण जारी है। राहत किट में दवाओं के नाम, किस बीमारी में कौन सी दवा लेनी है और कितने समय तक लेनी है, इसकी जानकारी भी दर्ज की जा रही है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर और कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। यहां तैयार भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य के लिए नावों का संचालन किया जा रहा है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जनरेटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए टीकाकरण और भूसा वितरण का काम भी किया जा रहा है। रोजाना दो बार प्रभावित परिवारों से संपर्क प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी परिवार को परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी रोजाना प्रभावित लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। चिकित्सकों की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों से दिन में कम से कम दो बार संपर्क कर हालचाल लिया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें भी सक्रिय हैं। आपदा में इन नंबरों पर करें संपर्क जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों से अपील की है कि किसी भी आपदा या परेशानी की स्थिति में नजदीकी तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम अथवा जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला कंट्रोल रूम: 9454417979
लैंडलाइन: 05498-220832, 05498-220235
टोल फ्री नंबर: 1077 प्रशासन ने लोगों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव दल को सूचना देने की अपील की है।

