कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में अब पुलिस की जांच बेटे सुब्रत की ओर घूम गई है। जांच में सामने आया कि सुब्रत और विशाल के बीच हत्या की रात 25 बार वाट्सएप कॉल पर बात हुई थी। वहीं सुब्रत की पत्नी शालू और विशाल के बीच 14 बार बात हुई थी। 8 दिनों में दोनों की विशाल से कुल मिलाकर 39 बार फोन पर बात हुई। सिविल लाइंस स्थित कॉस्मोजिन लाउंज जाएगी पुलिस वहीं पिता की हत्या में पत्नी की मिलीभगत की बात सामने आने पर बावजूद सुब्रत ने विशाल को लेकर कोई अहम जानकारी नहीं दी। पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाने के पर उसने शुरुआत में विशाल को पहचानने से इंकार कर कर दिया था। पुलिस उसकी चुप्पी और विशाल से संपर्क की वजह तलाश रही है। आज पुलिस तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लॉउंज भी जाकर पूछताछ करेगी, कि हत्या की रात दंपत्ति वहां आए भी थे, या नहीं। इंदिरा नगर के रतन ऑर्बिट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के कई बड़े सवाल खड़े कर दिए है। पूरे हत्याकांड में पुलिस की थ्योरी उलझती नजर आ रही है। पुलिस का दावा है कि दवा कारोबारी विनीत हत्यारोपी बहू को खर्च के लिए 15 हजार और बेटे को बतौर सैलरी 40 हजार रुपए देते थे। सवाल यह है कि इस मामूली रकम में कोई 6 लाख की सुपारी कैसे दे सकता है ? वहीं पुलिस साजिश में बेटे सुब्रत का हाथ भी मान रही है, लेकिन इसका कोई ठोस सबूत पुलिस के हाथ नहीं लगा है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मृतक के बेटे ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वह विशाल को घर के छोटे–मोटे कामों के लिए बुलाया करता था। अब सवाल यह उठता है कि कारोबारी विनीत मिनोचा ने विशाल को चोरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया था, तो फिर सुब्रत उसे क्यों घरेलू कामकाज के लिए बुलाता था ? डीसीपी वेस्ट ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में हत्यारोपी विशाल, राजकिशोर व शालू से पूछताछ के दौरान कोई ऐसे तथ्य सामने नहीं आए है, जिसमें बेटे सुब्रत की भूमिका संदिग्ध दिखे। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जरूरत पड़ने पर सुब्रत को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

