हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के प्रतिष्ठित डगशाई पब्लिक स्कूल में रैंगिग करने वाले पांचों छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। सभी आरोपी स्टूडेंट्स पंजाब के रहने वाले हैं और 11वीं व 12वीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं। जिस छात्र की रैगिंग हुई है, वह भी पंजाब का निवासी है। वहीं, डगशाई पुलिस ने भी पीड़ित छात्र तलविंदर मानेश और अन्य की शिकायत पर सोमवार शाम को ही विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। डगशाई पुलिस आज स्कूल पहुंचकर पांचों आरोपी छात्रों से पूछताछ करेगी। आरोपी छात्रों के अलावा हॉस्टल वार्डन से भी पूछताछ की जाएगी। इसी मामले में डगशाई पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र वोहरा के बयान बीती शाम को ही कलमबद्ध कर दिए है। क्या है पूरा मामला? हॉस्टल से खींचकर की मारपीट और हथियार रखने का आरोप दरअसल, पांच सितंबर को डगशाई पब्लिक स्कूल में पांच सीनियर छात्रों ने नौवी कक्षा के एक स्टूडेंट को उसके हॉस्टल के कमरे में जबरन खींचा और उसके साथ मारपीट की। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। इसमें एक छात्र थप्पड़ मारते दिख रहा है। इसमें आरोपी छात्र की गालियां भी सुनाई दे रही है। चार महीने से डराने व मारपीट के आरोप पुलिस को दी शिकायत में आरोप है कि सीनियर छात्र पिछले चार महीनों से जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग, डराने-धमकाने, शारीरिक मारपीट और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। हथियार रखने के आरोप इन सीनियर स्टूडेंट्स पर हथियार रखने के भी आरोप लगे थे, जिससे पूरी शिक्षण संस्था में डर का माहौल है। इस घटना के बाद से हॉस्टल के छात्र काफी डरे हुए हैं और गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इससे हटकर कुछ छात्रों के परिजनों ने स्कूल मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए है। शिकायत मिलते ही पांचों छात्र सस्पेंड: प्रिंसिपल डगशाई स्कूल की प्रिंसिपल रविंद्र वोहरा ने बताया कि घटना के बाद रैगिंग की जैसे ही उन्हें शिकायत मिली, उसके अगले ही दिन उन्होंने पांचों छात्रों को सस्पेंड कर जांच बिठा दी है। उन्होंने बताया कि बच्चों के पेरेंट्स को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

