4 मीटर घसीटकर सीने में मारी गोली, 6 आरोपी गिरफ्तार:सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद में की थी हत्या, बहन गंभीर घायल

4 मीटर घसीटकर सीने में मारी गोली, 6 आरोपी गिरफ्तार:सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद में की थी हत्या, बहन गंभीर घायल

सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद को लेकर 47 वर्षीय रामशंकर की हत्या के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान रामशंकर को करीब चार मीटर तक घसीटकर आरोपी के घर के बरामदे में ले जाया गया और सीने में गोली मार दी गई। घटना के बाद पुलिस ने लाइसेंसी SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और अन्य सामान बरामद किया है। हालांकि, परिवार जिस अकुल दुबे को गोली चलाने का मुख्य आरोपी बता रहा है, वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। घटना रविवार सुबह नगर पालिका क्षेत्र के जगदीशपुर में हुई थी। विवाद सड़क निर्माण से जुड़ी जमीन को लेकर शुरू हुआ था। परिवार का कहना है कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। सड़क निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद परिजनों के मुताबिक, विवादित जमीन पर सड़क बनाने का काम चल रहा था। जमीन पर गिट्टी और बालू डालकर सड़क निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान रामशंकर की बहन सरोज ने निर्माण कार्य का विरोध किया। सागर रस्तोगी के मुताबिक, उस समय उनकी मां सरोज मौके पर थीं। उन्होंने सड़क निर्माण का काम रोकने को कहा। आरोप है कि इसी बात पर अकुल दुबे की दोनों बहनें और उनकी मां मौके पर पहुंचीं और सरोज के साथ मारपीट करने लगीं। मां को बचाने पहुंचे सागर, फिर पहुंचे रामशंकर सागर का कहना है कि मां को घसीटकर पीटा जा रहा था। वह उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान रामशंकर भी वहां आ गए। सागर के मुताबिक, रामशंकर के पहुंचने के बाद विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद अकुल दुबे को फोन कर रामशंकर के मौके पर पहुंचने की जानकारी दी गई। सागर का दावा- 4 मीटर तक घसीटकर घर में ले गए परिवार के मुताबिक, अकुल दुबे के मौके पर पहुंचने के बाद उसके साथ मौजूद लोगों ने रामशंकर को पकड़ लिया। सागर का आरोप है कि रामशंकर को जबरन करीब चार मीटर तक घसीटते हुए अकुल दुबे के घर के बरामदे में ले जाया गया। सागर के मुताबिक, वहां रामशंकर के साथ मारपीट की गई औरअकुल दुबे ने उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगने से रामशंकर की मौत हो गई। इन आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि गोली किसने चलाई। सरोज को भी गोली लगने का आरोप सागर का दावा है कि घटना के दौरान उनकी मां सरोज को भी गोली मारी गई। गोली उनके सिर को छूकर निकल गई। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हुई हैं और उनका इलाज माधव प्रसाद तिवारी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। एक ही घटना में भाई की मौत और बहन के घायल होने से परिवार में मातम पसरा है। 24 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पांडेय, वंश गोपाल धर दुबे, इंद्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर बीएसए ग्राउंड से गिरफ्तार किया गया। बंदूक, कारतूस और अन्य सामान बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर एक SBBL बंदूक और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा एक बेसबॉल बैट और कुदाल का लकड़ी का बेट भी बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। बंदूक की बरामदगी के बाद अब उसकी लाइसेंस संबंधी जानकारी जांच का अहम हिस्सा बन गई है। अगर बरामद बंदूक लाइसेंसी है तो वह किसके नाम पर दर्ज है? घटना के समय बंदूक किसके पास थी? उसे किसने निकाला और गोली किसने चलाई? इन सवालों का जवाब हत्याकांड की जांच में अहम माना जा रहा है। पुलिस हथियार की लाइसेंस संबंधी जानकारी और फोरेंसिक जांच के जरिए भी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। मुख्य आरोपी अकुल दुबे अब भी फरार परिवार ने घटना के तुरंत बाद अकुल दुबे पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। अब छह लोगों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी के बावजूद अकुल दुबे की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिवार जिस व्यक्ति को गोली चलाने का मुख्य आरोपी बता रहा है, वह अभी पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। महेंद्र पांडेय और शिवेंद्र सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में परिवार की ओर से बताया गया है कि महेंद्र पांडेय अकुल दुबे के किराएदार थे और अपने परिवार के साथ उसी मकान में रहते थे। वहीं शिवेंद्र सिंह को आरोपी पक्ष का पड़ोसी बताया गया है। इन दोनों समेत अन्य नाम सामने आए लोगों की घटना के समय मौजूदगी और भूमिका की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि रामशंकर को पकड़कर घर के अंदर ले जाने, मारपीट करने और गोली चलने के दौरान कौन-कौन मौके पर था। चार-पांच महीने पहले भी फायरिंग का आरोप रामशंकर के भांजे सागर का दावा है कि इसी जमीन विवाद को लेकर करीब चार-पांच महीने पहले भी फायरिंग हुई थी। परिवार का कहना है कि उस समय पुलिस से शिकायत की गई थी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। अब हत्या के बाद परिवार यह सवाल उठा रहा है कि अगर उस समय कथित फायरिंग के मामले में प्रभावी कार्रवाई हुई होती तो क्या रविवार की घटना को रोका जा सकता था। हालांकि, इस पुराने मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। दोनों मकानों के बीच करीब 10 फीट की दूरी इस मामले में दोनों पक्षों के घरों के बीच की दूरी भी अहम है। बताया जा रहा है कि रामशंकर और आरोपी पक्ष के मकान करीब 10 फीट की दूरी पर हैं। दोनों परिवार लंबे समय से एक-दूसरे के आसपास रहते हैं और जमीन को लेकर विवाद भी पुराना है। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रविवार को विवाद अचानक बढ़ा या दोनों पक्षों के बीच पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार घटना के बाद पुलिस ने रामशंकर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। परिवार ने रविवार रात तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होने तक दाह संस्कार नहीं किया जाएगा। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद दोपहर के बाद रामशंकर का अंतिम संस्कार ककरही घाट पर किया गया।

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