अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर मंझनपुर गांव के सामने अंडरपास की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरना सोमवार 7 सितंबर को समाप्त हो गया। तहसील प्रशासन और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए समाधान का भरोसा दिया। एनएच-227बी पर अंडरपास नहीं होने से मंझनपुर के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। करीब 5 हजार की आबादी वाले गांव के लोगों, स्कूली बच्चों और किसानों को खेत व बाजार जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। इसी समस्या को लेकर किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष राजेश मिश्रा के नेतृत्व में कई दिनों से धरना चल रहा था। तहसील परिसर में हुई अहम बैठक सोमवार को तहसील परिसर में एसडीएम पवन कुमार शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें किसान यूनियन के पदाधिकारियों के अलावा एनएचएआई और कार्यदायी संस्था के इंजीनियर शामिल हुए। बैठक में किसानों ने गांव के सामने अंडरपास बनाए जाने की मांग रखी। उनका कहना था कि परिक्रमा मार्ग से प्रभावित स्थानीय रास्ते को सुरक्षित तरीके से बहाल करने की जरूरत है। कार्यदायी संस्था को प्रस्ताव बनाने के निर्देश एसडीएम पवन कुमार शर्मा ने किसानों की मांग को जायज बताया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को गांव के आवागमन के लिए समुचित और सुरक्षित व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव तैयार होने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा। इसी आश्वासन के बाद किसान यूनियन ने अपना धरना समाप्त करने का ऐलान किया। ग्रामीणों को अब प्रस्ताव का इंतजार किसानों का आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब ग्रामीणों की नजर कार्यदायी संस्था की ओर से तैयार किए जाने वाले प्रस्ताव पर रहेगी। प्रस्ताव शासन तक पहुंचने और आगे की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गांव के सामने आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान किस तरीके से किया जाएगा।

