राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए निकला जागरूकता रथ:औरंगाबाद में हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, 5 दिन बाद होना है आयोजन

राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए निकला जागरूकता रथ:औरंगाबाद में हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, 5 दिन बाद होना है आयोजन

औरंगाबाद में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोग अदालत लगने वाली है। इसके प्रचार के लिए 7 सितंबर को दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से जागरूकता रथ निकाला गया। जागरूकता रथ को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, औरंगाबाद राजीव रंजन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित, सुलभ और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए पक्षकार आपसी सहमति, सुलह और समझौते के आधार पर अपने विवादों का शीघ्र समाधान करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से लोगों के समय और धन दोनों की बचत होती है। लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से भी पक्षकारों को राहत मिलती है। लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मामलों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि समाज में विवादों के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। बैंकिंग और वित्तीय मामलों के समाधान में भी मिलेगी सुविधा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय विवादों के निस्तारण में भी राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक ऋण, बकाया राशि सहित अन्य योग्य बैंक संबंधी मामलों का समाधान पक्षकार आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से करा सकते हैं। दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से जागरूकता रथ निकालना ग्रामीण क्षेत्रों तक लोक अदालत का संदेश पहुंचाने की दिशा में सराहनीय पहल है। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेगा और लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया, उद्देश्य एवं लाभों की जानकारी देगा। साथ ही बैंक से संबंधित योग्य मामलों के पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों के शीघ्र समाधान के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपने विवाद को लंबा न खींचें, आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से समाधान की ओर कदम बढ़ाएं।
अधिक से अधिक लोगों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायपालिका, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बैंकिंग संस्थानों, अधिवक्ताओं, प्रशासनिक पदाधिकारियों और आम नागरिकों की सामूहिक सहभागिता जरूरी है। व्यापक प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक योग्य मामलों का निस्तारण संभव होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आमजन से अपील की गई कि वे 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में भाग लें और अपने योग्य मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का लाभ उठाएं। औरंगाबाद में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोग अदालत लगने वाली है। इसके प्रचार के लिए 7 सितंबर को दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से जागरूकता रथ निकाला गया। जागरूकता रथ को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, औरंगाबाद राजीव रंजन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित, सुलभ और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए पक्षकार आपसी सहमति, सुलह और समझौते के आधार पर अपने विवादों का शीघ्र समाधान करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से लोगों के समय और धन दोनों की बचत होती है। लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से भी पक्षकारों को राहत मिलती है। लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मामलों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि समाज में विवादों के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। बैंकिंग और वित्तीय मामलों के समाधान में भी मिलेगी सुविधा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय विवादों के निस्तारण में भी राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक ऋण, बकाया राशि सहित अन्य योग्य बैंक संबंधी मामलों का समाधान पक्षकार आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से करा सकते हैं। दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से जागरूकता रथ निकालना ग्रामीण क्षेत्रों तक लोक अदालत का संदेश पहुंचाने की दिशा में सराहनीय पहल है। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेगा और लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया, उद्देश्य एवं लाभों की जानकारी देगा। साथ ही बैंक से संबंधित योग्य मामलों के पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों के शीघ्र समाधान के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपने विवाद को लंबा न खींचें, आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से समाधान की ओर कदम बढ़ाएं।
अधिक से अधिक लोगों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायपालिका, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बैंकिंग संस्थानों, अधिवक्ताओं, प्रशासनिक पदाधिकारियों और आम नागरिकों की सामूहिक सहभागिता जरूरी है। व्यापक प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक योग्य मामलों का निस्तारण संभव होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आमजन से अपील की गई कि वे 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में भाग लें और अपने योग्य मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का लाभ उठाएं।  

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