भभुआ में मनरेगा योजनाओं में 24.35 लाख का फर्जीवाड़ा:बिना काम कराए पैसे निकाले; पंचायत रोजगार सेवक बर्खास्त, 3 और पर कार्रवाई

भभुआ में मनरेगा योजनाओं में 24.35 लाख का फर्जीवाड़ा:बिना काम कराए पैसे निकाले; पंचायत रोजगार सेवक बर्खास्त, 3 और पर कार्रवाई

भभुआ प्रखंड की मिरियां पंचायत में मनरेगा की कई योजनाओं में बिना काम कराए 24 लाख 35 हजार 447 रुपये निकाल लिए गए। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए थे। तत्कालीन उप विकास आयुक्त दिव्य शक्ति के निर्देश पर पंचायत रोजगार सेवक नरेंद्र कुमार भारती को बर्खास्त कर दिया गया है। सहायक और कनीय अभियंता पर भी कार्रवाई की तैयारी इस मामले में शामिल तत्कालीन सहायक अभियंता अशोक कुमार और कनीय अभियंता विजेंद्र सिंह के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया गया है। गया और रोहतास के जिलाधिकारियों को इन अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है। इसके अलावा, दोषी लेखापाल रवि कुमार के मानदेय में एक साल तक 5 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में ग्रामीणों ने की थी शिकायत यह मामला ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान सामने आया था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि योजनाओं में जमीन पर कोई काम नहीं हुआ, फिर भी पैसे का गबन किया गया। शिकायत के बाद जिला स्तर पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई। टीम ने जांच में आरोपों को सही पाया। अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। भभुआ प्रखंड की मिरियां पंचायत में मनरेगा की कई योजनाओं में बिना काम कराए 24 लाख 35 हजार 447 रुपये निकाल लिए गए। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए थे। तत्कालीन उप विकास आयुक्त दिव्य शक्ति के निर्देश पर पंचायत रोजगार सेवक नरेंद्र कुमार भारती को बर्खास्त कर दिया गया है। सहायक और कनीय अभियंता पर भी कार्रवाई की तैयारी इस मामले में शामिल तत्कालीन सहायक अभियंता अशोक कुमार और कनीय अभियंता विजेंद्र सिंह के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया गया है। गया और रोहतास के जिलाधिकारियों को इन अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है। इसके अलावा, दोषी लेखापाल रवि कुमार के मानदेय में एक साल तक 5 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में ग्रामीणों ने की थी शिकायत यह मामला ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान सामने आया था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि योजनाओं में जमीन पर कोई काम नहीं हुआ, फिर भी पैसे का गबन किया गया। शिकायत के बाद जिला स्तर पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई। टीम ने जांच में आरोपों को सही पाया। अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।  

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