6.3 KM लंबी सड़क जर्जर, गड्ढों से एक्सीडेंट:कैमूर में 4.69 करोड़ की लागत से बनी थी रोड

6.3 KM लंबी सड़क जर्जर, गड्ढों से एक्सीडेंट:कैमूर में 4.69 करोड़ की लागत से बनी थी रोड

कैमूर के मोहनियां प्रखंड में ग्रामीण कार्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। करोड़ों की लागत से बनने वाली एक सड़क बदहाल है। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) से ममरेज गांव तक जाती है और पसौली गुमटी से होकर गुजरती है। 6.300 किलोमीटर लंबी इस सड़क की लागत 4 करोड़ 69 लाख 66 हजार 347 रुपए है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि यह गड्ढों का तालाब जैसी दिखती है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़क से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. गड्ढों में फंसकर पलट रहे गाड़ी यह सड़क कई गांवों को जोड़ती है, जिससे हजारों लोग रोजाना आते-जाते हैं। सड़क पर बने बड़े और गहरे गड्ढे बारिश के पानी से भर गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना खतरनाक है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा भी इन गड्ढों में फंसकर पलट रहे हैं, जिससे यात्रियों को चोटें लग रही हैं। सड़क पर लगे एक बोर्ड के अनुसार, काम शुरू होने की तारीख 03 अक्टूबर 2025 और खत्म होने की तारीख 02 अक्टूबर 2026 है। सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी हालांकि, सड़क की मौजूदा हालत देखकर ऐसा नहीं लगता कि यहां कभी कोई काम शुरू हुआ है। सरकार ग्रामीण सड़कों को ठीक करने के लिए बड़ी रकम जारी कर रही है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं होगी? ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर तुरंत ध्यान देने और दोषियों पर कार्रवाई करने की जरूरत है। कैमूर के मोहनियां प्रखंड में ग्रामीण कार्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। करोड़ों की लागत से बनने वाली एक सड़क बदहाल है। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) से ममरेज गांव तक जाती है और पसौली गुमटी से होकर गुजरती है। 6.300 किलोमीटर लंबी इस सड़क की लागत 4 करोड़ 69 लाख 66 हजार 347 रुपए है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि यह गड्ढों का तालाब जैसी दिखती है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़क से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. गड्ढों में फंसकर पलट रहे गाड़ी यह सड़क कई गांवों को जोड़ती है, जिससे हजारों लोग रोजाना आते-जाते हैं। सड़क पर बने बड़े और गहरे गड्ढे बारिश के पानी से भर गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना खतरनाक है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा भी इन गड्ढों में फंसकर पलट रहे हैं, जिससे यात्रियों को चोटें लग रही हैं। सड़क पर लगे एक बोर्ड के अनुसार, काम शुरू होने की तारीख 03 अक्टूबर 2025 और खत्म होने की तारीख 02 अक्टूबर 2026 है। सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी हालांकि, सड़क की मौजूदा हालत देखकर ऐसा नहीं लगता कि यहां कभी कोई काम शुरू हुआ है। सरकार ग्रामीण सड़कों को ठीक करने के लिए बड़ी रकम जारी कर रही है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं होगी? ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर तुरंत ध्यान देने और दोषियों पर कार्रवाई करने की जरूरत है।  

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