प्रयागराज में सोमवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। पिछले चार दिनों से बारिश का दौर थमा हुआ है। फिलहाल बारिश नहीं हो रही है, लेकिन मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। आसमान में काले और घने बादल छाए हैं। साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं। बारिश रुकने के बाद अब उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। बीच-बीच में धूप निकलने से उमस और ज्यादा महसूस हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर बदल सकता है और बारिश होने की संभावना है। वहीं, गंगा और यमुना के जलस्तर में अब धीरे-धीरे कमी आने लगी है। पिछले कुछ दिनों में लगातार जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। कई जगहों पर लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया था। अब जलस्तर कम होने से बाढ़ का असर घट रहा है और लोगों ने राहत की सांस ली है। 1cm प्रतिघंटा की स्पीड से कम हो रहा जलस्तर 7 सितंबर 2026 की सुबह 8 बजे तक जारी जलस्तर रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना नदी का नैऩी में जलस्तर 81.76 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 19 सेंटीमीटर नीचे आया है। वहीं गंगा नदी के फाफामऊ में जलस्तर 82.01 मीटर रहा, जिसमें 25 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। छतनाग में गंगा का जलस्तर 81.30 मीटर रहा और यहां भी पिछले 24 घंटे में 12 सेंटीमीटर की गिरावट हुई है। STP बक्शी बांध पर जलस्तर 81.87 मीटर दर्ज किया गया, जो 20 सेंटीमीटर कम है। बाढ़ का खतरा टला, सभी बांध सुरक्षित जिले में बाढ़ के लिहाज से खतरे का स्तर 84.734 मीटर निर्धारित है। फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं और किसी भी स्थान पर बारिश दर्ज नहीं की गई है। गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही कमी से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी धीरे-धीरे कम हो रहा है।

