अभी मानसून कमजोर, दो दिन बाद बढ़ेगी बारिश:लो प्रेशर एरिया के असर से कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट

अभी मानसून कमजोर, दो दिन बाद बढ़ेगी बारिश:लो प्रेशर एरिया के असर से कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है। प्रदेश में सामान्य से कम बारिश का अंतर बढ़कर 4 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है। आज (7 सितंबर) प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों में कई जगह बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कुछ जगहों पर ही बहुत हल्की से हल्की बारिश हुई। ज्यादा इलाकों में बारिश नहीं होने से बारिश की कमी बढ़ी है। अब दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया और उससे जुड़ी मौसम प्रणालियों के असर से छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ने की संभावना है। इसके चलते अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बारिश की कमी क्यों बढ़ी? प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक होने वाली बारिश सामान्य के मुकाबले 4 प्रतिशत कम है। पिछले अपडेट में यह कमी 2 प्रतिशत थी। यानी हाल के दिनों में जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उसकी तुलना में बारिश थोड़ी कम हुई है। हालांकि इसे अभी बड़ी कमी नहीं माना जा रहा है। अगले दो दिनों में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होती है तो यह अंतर फिर कम हो सकता है। फिलहाल मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है। रायपुर में पड़ सकती हैं बौछारें राजधानी में आज (सोमवार) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। बिलासपुर और राजनांदगांव रहे सबसे गर्म रविवार को बिलासपुर और राजनांदगांव प्रदेश में सबसे गर्म रहे। दोनों शहरों में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। अंतिम दौर में मानसून का सीजन छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन अब अंतिम दौर में है और 6 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से थोड़ा कम है। 1 जून से 6 सितंबर तक प्रदेश में 950.6 मिमी (37.42 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 990.8 मिमी (39.01 इंच) होनी चाहिए थी। यानी बारिश 4% कम हुई है। बलरामपुर में औसत से 70 प्रतिशत ज्यादा बारिश हालांकि जिलों की स्थिति देखें तो तस्वीर एक जैसी नहीं है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कुछ जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। बलरामपुर में सामान्य से 70% ज्यादा बारिश हुई है, वहीं बेमेतरा में 41% की कमी है। सीजन में अब तक सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में 1436.7 मिमी (56.56 इंच) दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 846.1 मिमी (33.31 इंच) होती है। इस हिसाब से जिले में सामान्य से 70% ज्यादा पानी गिर चुका है। सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर में भी बारिश के आंकड़े अच्छे इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1105 मिमी (43.50 इंच), मुंगेली में 1054.1 मिमी (41.50 इंच), रायपुर में 1050.6 मिमी (41.36 इंच) और बालौदा बाजार में 967.2 मिमी (38.08 इंच) बारिश हुई है। बेमेतरा में सबसे कम 539.9 मिमी पानी सबसे कम बारिश बेमेतरा में 539.9 मिमी (21.26 इंच) हुई है। यहां सामान्य बारिश 910.5 मिमी (35.85 इंच) है। यानी जिले में सामान्य से 41% कम बारिश हुई है। इसके बाद सरगुजा में 632.3 मिमी (24.89 इंच), कबीरधाम में 595.6 मिमी (23.45 इंच), कांकेर में 729.1 मिमी (28.71 इंच) और जशपुर में 765.8 मिमी (30.15 इंच) बारिश दर्ज की गई है।

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