JDU भाजपा के चक्रव्यूह में फंसी – कांग्रेस जिलाध्यक्ष:बक्सर में बोले – आने वाले दिनों में विलय की नौबत आएगी

JDU भाजपा के चक्रव्यूह में फंसी – कांग्रेस जिलाध्यक्ष:बक्सर में बोले – आने वाले दिनों में विलय की नौबत आएगी

बक्सर जिले में जदयू की नीतीश संवाद यात्रा और फरक्का जल संधि के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने जदयू और भाजपा पर हमला बोलते हुए नीतीश संवाद यात्रा को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसे नीतीश संवाद यात्रा नहीं, बल्कि जदयू बचाव यात्रा कहा जाना चाहिए। उपाध्याय ने दावा किया कि जदयू अपनी राजनीतिक जमीन और अस्तित्व बचाने के लिए गांव-गांव और जिलों में संवाद कार्यक्रम कर रही है। ”नई संधि या कोई ठोस कदम उठाना चाहिए” उनके अनुसार, जदयू को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने का डर सता रहा है। पंकज उपाध्याय ने फरक्का जल संधि के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 25 साल पुराने फैसलों के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराकर जनता को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि यदि फरक्का जल संधि की अवधि खत्म हो चुकी है, तो मौजूदा सरकार को पुरानी सरकारों को कोसने के बजाय इस मुद्दे पर नई संधि या कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले 15 से 20 सालों से सत्ता में रहने वाले लोग बिहार की शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क व्यवस्था की खराब हालत पर बात नहीं करते। ”जदयू भाजपा के राजनीतिक चक्रव्यूह में फंस चुकी” इसके बजाय, वे बार-बार पिछली सरकारों पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को अब इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उपाध्याय ने दावा किया कि जदयू भाजपा के राजनीतिक चक्रव्यूह में फंस चुकी है। आने वाले समय में पार्टी के सामने अपने अस्तित्व को बचाने की चुनौती और बढ़ सकती है। पंकज उपाध्याय ने हाल के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जदयू के नेता अक्सर पांचों पांडवों के एकजुट होने की बात करते हैं। लेकिन, उन कार्यक्रमों में भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के प्रमुख नेता मौजूद नहीं थे। उन्होंने इसे जदयू की मौजूदा राजनीतिक हालात का संकेत बताया। जदयू के भाजपा में विलय का विकल्प – कांग्रेस जिलाध्यक्ष कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि आने वाले दिनों में ऐसी राजनीतिक परिस्थिति भी बन सकती है, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू के भाजपा में विलय का विकल्प पैदा हो जाए। उन्होंने कहा कि जदयू आज अपनी राजनीतिक विरासत और पहचान बचाने के लिए जनता के बीच संवाद कर रही है, जबकि उसके लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती भाजपा बनती जा रही है। हालांकि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष के इन आरोपों पर जदयू और भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बक्सर जिले में जदयू की नीतीश संवाद यात्रा और फरक्का जल संधि के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने जदयू और भाजपा पर हमला बोलते हुए नीतीश संवाद यात्रा को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसे नीतीश संवाद यात्रा नहीं, बल्कि जदयू बचाव यात्रा कहा जाना चाहिए। उपाध्याय ने दावा किया कि जदयू अपनी राजनीतिक जमीन और अस्तित्व बचाने के लिए गांव-गांव और जिलों में संवाद कार्यक्रम कर रही है। ”नई संधि या कोई ठोस कदम उठाना चाहिए” उनके अनुसार, जदयू को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने का डर सता रहा है। पंकज उपाध्याय ने फरक्का जल संधि के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 25 साल पुराने फैसलों के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराकर जनता को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि यदि फरक्का जल संधि की अवधि खत्म हो चुकी है, तो मौजूदा सरकार को पुरानी सरकारों को कोसने के बजाय इस मुद्दे पर नई संधि या कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले 15 से 20 सालों से सत्ता में रहने वाले लोग बिहार की शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क व्यवस्था की खराब हालत पर बात नहीं करते। ”जदयू भाजपा के राजनीतिक चक्रव्यूह में फंस चुकी” इसके बजाय, वे बार-बार पिछली सरकारों पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को अब इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उपाध्याय ने दावा किया कि जदयू भाजपा के राजनीतिक चक्रव्यूह में फंस चुकी है। आने वाले समय में पार्टी के सामने अपने अस्तित्व को बचाने की चुनौती और बढ़ सकती है। पंकज उपाध्याय ने हाल के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जदयू के नेता अक्सर पांचों पांडवों के एकजुट होने की बात करते हैं। लेकिन, उन कार्यक्रमों में भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के प्रमुख नेता मौजूद नहीं थे। उन्होंने इसे जदयू की मौजूदा राजनीतिक हालात का संकेत बताया। जदयू के भाजपा में विलय का विकल्प – कांग्रेस जिलाध्यक्ष कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि आने वाले दिनों में ऐसी राजनीतिक परिस्थिति भी बन सकती है, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू के भाजपा में विलय का विकल्प पैदा हो जाए। उन्होंने कहा कि जदयू आज अपनी राजनीतिक विरासत और पहचान बचाने के लिए जनता के बीच संवाद कर रही है, जबकि उसके लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती भाजपा बनती जा रही है। हालांकि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष के इन आरोपों पर जदयू और भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

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