वाराणसी में यूपीपीएससी की प्राविधिक शिक्षा (अध्यापन) सेवा परीक्षा-2025 रविवार को संपन्न हो गई। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के बीच पेपर लीक को लेकर डर और चर्चा का असर अटेंडेंस पर भी दिखा। प्रयागराज से परीक्षा देने आए अभ्यर्थी अभयराज ने बताया कि उनकी क्लास में 24 बच्चे हैं, लेकिन सिर्फ 4 ही परीक्षा देने पहुंचे। उन्होंने अटेंडेंस करीब 30 से 40 फीसदी रहने की बात कही। साथ ही बताया कि पेपर ज्यादा टफ नहीं था। अगर तैयारी करके आए थे तो पेपर आसान था। 42 में से सिर्फ 4 बच्चे एग्जाम देने आए प्रयागराज से परीक्षा देने आए अभयराज ने बताया कि पेपर कॉन्सेप्ट बेस्ड था। पहला पेपर काफी हद तक बेसिक पर आधारित था, जबकि दूसरे पेपर में प्रैक्टिकल नॉलेज से जुड़े सवाल ज्यादा नजर आए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक को लेकर बच्चों में डर था। इसका असर अटेंडेंस पर भी दिखाई दिया। उन्होंने बताया, “हमारी क्लास में 42 बच्चे थे, लेकिन सिर्फ 4 लोग ही एग्जाम देने आए। अटेंडेंस करीब 30 से 40 फीसदी ही रही।” हालांकि यह उनके क्लास का अनुभव था, पूरे परीक्षा केंद्र या परीक्षा का आधिकारिक आंकड़ा नहीं। पेपर इजी टू मॉडरेट, सिलेबस से आए ज्यादातर सवाल गोरखपुर से आई अदिति सिंह ने बताया कि पेपर इजी टू मॉडरेट था। बहुत ज्यादा टफ सवाल नहीं थे। अगर बेसिक्स अच्छे हैं तो पेपर आसानी से किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सवाल सिलेबस से ही आए थे। इसके अलावा करंट अफेयर्स से भी कुछ सवाल पूछे गए। इनमें फीफा से जुड़ा सवाल भी शामिल था। पढ़कर आए थे तो पेपर आसान लगा अलीगढ़ से आए आदित्य सिंह ने कहा कि परीक्षा अच्छी रही। जिन अभ्यर्थियों ने तैयारी करके पेपर दिया, उनके लिए सवाल ज्यादा मुश्किल नहीं थे। बेसिक चीजों की समझ होने पर पेपर आसानी से हल किया जा सकता था। फंडामेंटल क्लियर थे तो सवाल आसान लगे अमेठी से आए अभय सिंह ने बताया कि पेपर में सवालों का फोकस फंडामेंटल पर था। जिन अभ्यर्थियों के बेसिक्स और फॉर्मूले क्लियर थे, उनके लिए सवाल करना आसान रहा। उन्होंने बताया कि कम्युनिकेशन से जुड़े सवालों में सैटेलाइट कम्युनिकेशन का सवाल भी आया। उनके मुताबिक हिंदी का पेपर स्कोरिंग रहा। बाकी विषयों के सवाल भी ठीक-ठाक थे। पेपर न बहुत ज्यादा कठिन था और न बहुत आसान। जिनका कॉन्सेप्ट क्लियर था, वे ज्यादा समय लगाए बिना सवाल हल कर पा रहे थे। दो शिफ्ट में हुई परीक्षा पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 से 11 बजे तक हुई, जबकि दूसरी शिफ्ट का एग्जाम दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक कराया गया। पहली शिफ्ट के अभ्यर्थियों को सुबह 7:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट के अभ्यर्थियों को दोपहर 1 बजे तक केंद्र पहुंचना था। बायोमीट्रिक जांच के बाद मिली एंट्री परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की तीन स्तर पर जांच की गई। बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद पुलिस और निरीक्षक की अनुमति से ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। परीक्षा की निगरानी के लिए 36 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 36 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।

