लखनऊ के बीकेटी इलाके में शनिवार देर शाम सीतापुर रोड पर एक हादसा हो गया। वीरेंद्र धर्मकांटा के पास दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में ढाई महीने का एक मासूम मां की गोद से उछलकर सिर के बल सड़क पर गिर गया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही जान चली गई। हादसे में मासूम के माता-पिता भी घायल हो गए। दुर्घटना के बाद दूसरी बाइक पर सवार युवक मौके से भाग गया। बीकेटी के गहरा रामपुरा गांव निवासी राम कुमार किसान हैं। शनिवार देर शाम वह अपनी पत्नी अंजलि और ढाई महीने के बेटे को बाइक से अस्पताल लेकर जा रहे थे। मासूम को बुखार था। इसी दौरान सीतापुर रोड पर वीरेंद्र धर्म कांटा के पास सामने से तेज रफ्तार बाइक लेकर आए युवक की उनकी बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि अंजलि की गोद मासूम उछलकर सड़क पर सिर के बल गिर गया। राम कुमार और अंजलि भी बाइक से गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद दूसरी बाइक पर सवार युवक वहां से निकल गया। राहगीरों ने पहुंचाया ट्रॉमा सेंटर हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे और घायल दंपती को उठाया। सूचना पर बीकेटी पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने राहगीरों की मदद से राम कुमार, अंजलि और मासूम को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने ढाई महीने के बच्चे को मृत घोषित कर दिया। राम कुमार और अंजलि को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बीकेटी इंस्पेक्टर संजय सिंह के मुताबिक, अभी बच्चे के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव घर पहुंचा तो मां को पता चला राम कुमार ने बताया कि हादसे के बाद प्राथमिक उपचार के बाद अंजलि को घर भेज दिया गया था। उसे बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। घर से जब भी वह बेटे के बारे में पूछती, तो परिजन यही बताते रहे कि उसका इलाज चल रहा है। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद जब मासूम का शव घर पहुंचा, तब अंजलि को बेटे की मौत की जानकारी हुई। बेटे का शव देखते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी। उसकी हालत बिगड़ती देख परिवार के लोगों ने उसे संभाला। छह साल बाद हुआ था बेटा राम कुमार ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं। ढाई महीने का बेटा उनका इकलौता बेटा था। करीब छह साल बाद बड़ी मन्नतों से बेटा हुआ था। उसके जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन एक हादसे ने सारी खुशियां मातम में बदल दीं।

